श्रावस्ती। दूसरे व्यक्ति के खाते से एक करोड़ सत्ताईस लाख रुपये निकालने के मामले में गिरफ्तार भिनगा नगर पालिका के चेयरमैन व उसके भाई की जमानत प्रार्थना पत्र मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। उनकी गिरफ्तारी 15 जनवरी को लखनऊ के हनीमैन चौराहे से क्राइम ब्रांच ने किया था। तब से दोनों भाई जिला कारागार बहराइच में निरुद्ध हैं।
गिलौला निवासी राम प्रताप गुप्ता ने एक फरवरी 2018 को भिनगा कोतवाली में नगर पालिका परिषद भिनगा चेयरमैन अजय आर्य व उसके भाई आशीष आर्य, विजय कुमार आर्य सहित सौरभ आर्य, शिवम, शनी पटवा के साथ एक अन्य के विरुद्ध जालसाजी का मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि अजय आर्य ने सबके साथ मिलकर उसके इलाहाबाद बैंक शाखा पूरेगोकुल सिंह पुरवा से फर्जी तरीके से एक करोड़ सत्ताईस लाख रुपये निकाल लिया था।
मामले की जांच क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह बिष्ट को सौंपी गई थी। इस मामले में प्रथम दृष्टया आरोप साबित होने पर 14 जनवरी 2020 को सीजेएम न्यायालय ने सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इस वारंट के बाद चेयरमैन अजय आर्य व उसके भाई आशीष आर्य की गिरफ्तारी को निरीक्षक क्राइम ब्रांच दिनेश सिंह बिष्ट, व उनकी टीम ने लखनऊ के हनीमैन चौराहे से 15 जनवरी को गिफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से दोनों को जेल भेजा गया था। इस मामले में चेयरमैन व उसके भाई द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृदुलेश कुमार सिंह के न्यायालय पर जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर सुनवाई के बाद मंगलवार को जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।