श्रावस्ती। अखिल भारतीय प्रधान संगठन की ओर से 28 अक्टूबर को रमाबाई आंबेडकर मैदान में महारैली की गई थी। 15 दिसंबर को प्रदेश के ग्राम प्रधानों को लखनऊ बुलाकर मुख्यमंत्री ने उनके समक्ष कई घोषणाएं की थीं। घोषणाएं अब तक पूरी न होने से नाराज ग्राम प्रधानों ने सोमवार को भिनगा से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। एडीएम डीपी सिंह को सौंपे ज्ञापन में ग्राम प्रधानों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सहायक सचिव कम डाटा एंट्री ऑपरेटर, शौचालय केयरटेकर व प्रधान के मानदेय की व्यवस्था अलग से करने का वादा किया था। रजिस्टर्ड डिप्लोमा होल्डर या जिले में नियुक्त किसी भी तकनीकी सहायक से स्टीमेट बनवाने की छूट का प्रावधान करने का आश्वासन दिया था। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों की सहभागिता से पंचायतों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर माह में एक बार जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पंचायत दिवस मनाने की घोषणा भी की थी।
इनमें से कोई लागू नहीं हुई। जिला योजना समिति में प्रधान को प्रतिनिधित्व देने, मनरेगा के कार्यों का भुगतान प्रधान व सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम स्तर पर ही किए जाने के प्रावधान का वादा भी पूरा नहीं हुआ। मांग की गई कि ये सभी वादे पूरे किए जाएं।