कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को अनुयायियों से गुलजार रही। इस दौरान म्यांमार से आए 40 सदस्यीय दल ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में गंध कुटि पर विशेष प्रार्थना की। भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि गौतम बुद्ध न ही इस जगत के निर्माता थे और ना ही भगवान। महात्मा बुद्ध का कहना था कि इस सृष्टि का कोई भी व्यक्ति इस बुद्धत्व को प्राप्त कर सकता है। बुद्ध ने अच्छे विचारों का पोषण और बुरे विचारों का त्याग किया। उन्होंने लोगों के जीवन में सुख-शांति और कष्टों से मुक्ति के लिए अपने सभी सुख सुविधाओं और जीवन के आनंद को त्याग दिया। इस त्याग, दृढ़ संकल्प और आत्मसमर्पण ने सिद्धार्थ को महात्मा बुद्ध बना दिया। इस सृष्टि पर महात्मा गौतम बुद्ध मानवता और मानव जाति के उन्नति की पराकाष्ठा (उच्चतम अवस्था) है। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।