श्रावस्ती। शासन की ओर से लगभग दो साल पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय को एमआरआई मशीन का तोहफा दिया गया था। मशीन मिलने के बाद तराई वासियाें में खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन अभी मशीन शुरू नहीं हो सकी है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगभग दो करोड़ की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित करवाई गई थी, जो अभी भी अस्पताल में धूल फांक रही है। विभागीय जिम्मेदाराें की उदासीनता के चलते मशीन मिलने के बाद भी मरीज निजी केंद्रों पर जेब ढीली कर रहे हैं।
मरीजों को एमआरआई जांच के लिए बहराइच तक ही दौड़ लगानी पड़ रही है। विभागीय जिम्मेदार जल्द मशीन शुरू होने का दावा कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री करते नजर आ रहे हैं। यही कारण हैं कि अब लोगों को विभागीय दावों पर भरोसा नहीं हो रहा है।
जल्द ही शुरू होगा संचालन
एमआरआई के संचालन के लिए हीलियम सहित अन्य केमिकल उपलब्ध हो गए हैं। मशीन में मैगनेट डालने का काम पूरा होते ही संचालन किया जाएगा। करीब एक सप्ताह में मरीजों को जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
-डॉ. एके सिंह, सीएमओ