श्रावस्ती। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान माह को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान माह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में रक्त की आवश्यकता और महत्व को बताने के लिये मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य देशवासियों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक करना। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान माह का आयोजन जिले में 31 अक्तूबर तक किया जाना है।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ओपी आर्य ने कहाकि राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान माह का मुख्य उद्देश्य सफलता पूर्वक जरूरतमंद रोगियों की तत्काल मदद करना है। किसी तत्काल व गंभीर आवश्यकता के लिए ब्लड बैंक में रक्त का संग्रह करके रखना चाहिए। उन लोगों को रक्त देने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करें जो स्वस्थ होने के बाद भी रक्तदान में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन लोगों को भी स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करें जो केवल अपने मित्रों और रिश्तेदारों को ही रक्तदान करते हैं।
रक्तदान करना जीवन बचाने की प्रक्रिया में मानवता का महत्वपूर्ण भाग है। इससे बहुत से लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि वह संगोष्ठी, सम्मान समारोह एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन करें। इस दौरान स्वैच्छिक रक्तदाता का अधिक से अधिक पंजीकरण भी कराएं। इसके साथ ही लोगों को रक्तदान के फायदे बताकर जागरूक भी करें।
सीएमओ ने बताया कि जिले में 11 व 31 अक्तूबर को संयुक्त जिला चिकित्सालय में रक्तदान कैंप लगाया जाएगा इसके अलावा लोग कभी भी रक्तदान कर सकते हैं। समीक्षा बैठक में जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. बीके सिंह, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातन हेलिया सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।