श्रावस्ती। फार्मर आईडी के अभाव में जिले के 60 हजार से अधिक किसानों के सम्मान निधि पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यही नहीं फार्मर आईडी न बनवाने वाले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने से भी वंचित हो जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की कई अन्य योजनाओं का लाभ भी किसानों को बिना फार्मर आईडी के नहीं मिल पाएगा।
जिले के कुल 2, 11, 242 किसान ऐसे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। योजना के तहत किसानों को तीन किश्तों में 2,000-2,000 रुपये दिए जाते हैं और सम्मान निधि की 23 वीं किश्त जल्द ही आने वाली है। 23 वीं किश्त से पहले सरकार ने किसान सम्मान निधि में फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है। जबकि अभी तक जिले के 1, 40, 627 किसानों की ही फार्मर आईडी बन पाई है। जिले के कुल लाभार्थी किसानों 2, 11, 242 में से कुछ किसान ऐसे भी हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है और विभाग उनके नामों को विलोपित कर रहा है। हालांकि कृषि विभाग विभिन्न शिविरों व जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जल्द से जल्द सभी किसानों की फार्मर आईडी बनवाने का दावा कर रहा है।
इन योजनाओं के लाभ में भी अड़चन
उप कृषि निदेशक सुरेंद्र चंद्र चौधरी ने बताया कि फार्मर आईडी के अभाव में कृषि विभाग व सहयोगी विभाग उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, लघु सिंचाई आदि का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पाएगा। साथ ही उर्वरक, बीज, कीटनाशी आदि के चयन में भी फार्मर आईडी ही आधार रहेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान, दाल, सरसों आदि के बिक्री के लिए भी फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में किसान भाई जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।