श्रावस्ती। जिले भर में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करने का अभियान चल रहा है। जहां-जहां डीएम व जिले के नोडल अधिकारी की उपस्थिति होती है, सिर्फ वहीं महिलाओं की भी उपस्थिति हो पा रही है। बाकी स्थानों पर औपचारिकता ही निभाई जा रही है। इसी माहौल के बीच सोमवार को भी कई स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।
मिशन शक्ति प्रदेश के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत शारदीय नवरात्र से लेकर चैत्र नवरात्र तक महिलाओं को जागरूक करने के लिए खास तौर पर बाल विवाह, यौन शोषण संबंधी मामलों की रोकथाम को लेकर कार्यक्रम आयोजित होने हैं। नोडल अधिकारी जिले में रह कर अभियान की निगरानी कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद जिले में अभियान का संचालन अफरातफरी के बीच हो रहा है।
इसका कारण अभियान के संचालन में जिला प्रोवेशन विभाग के साथ अन्य विभागों के बीच समन्वय का अभाव होना बताया जा रहा है। इसी के चलते जागरूकता कार्यक्रम में महिलाएं केवल उन्हीं स्थानों पर पहुंच पा रही हैं जहां डीएम व जिले के नोडल अधिकारी उपस्थित होते हैं।
ऐसा ही कुछ सोमवार को खैरीकला के उच्च प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला। वहां कार्यक्रम के संचालन के लिए एसडीएम भिनगा प्रवेंद्र कुमार को प्रभारी बनाया गया था। कार्यक्रम में आमंत्रित महिलाओं के बैठाने के लिए सौ कुर्सियां लगाई गईं थीं लेकिन मौके पर मात्र दस महिलाएं ही आई थीं। यही स्थिति जूनियर हाईस्कूल भिनगा में भी देखने को मिली।
यहां तो समन्वय का इतना अभाव दिखा कि कार्यक्रम से पूर्व दो टेंट कारोबारी आपस में ही भिड़ गए। दोनों जगहों पर अलग-अलग व्यक्तियों को टेंट लगाने के लिए कहा गया था। इन दोनों के आपस में भिड़ने के कारण घंटों जूनियर हाईस्कूल मैदान में अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
ऐसे ही कई और स्थानों पर देखने को मिला जहां जिला प्रोवेशन के कार्यालय द्वारा अन्य विभागों के समन्वय न बनाने के कारण कहीं महिलाएं नहीं आईं तो कहीं कार्यक्रम मात्र औपचारिकता पूर्ण तरीके से निपट गया। जहां डीएम व नोडल अधिकारी की मौजूदगी रही, वहां कार्यक्रम का संचालन बेहतर ढंग से हुआ।