सिरसिया (श्रावस्ती)। ब्लॉक प्रमुख सिरसिया पद के लिए चल रहा गतिरोध बुधवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। एक ओर जहां सुबह 11 बजे से सिरसिया ब्लॉक सभागार में होने वाली अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को डीएम ने स्थगित कर दिया। वहीं हाईकोर्ट में मौजूदा ब्लॉक प्रमुख की ओर से बैठक पर रोक लगाने वाली याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
बिना कोई ठोस कारण के ही बैठक को स्थगित करने वाले निर्णय पर अब चर्चा का दौर शुरू हो गया है। ब्लॉक प्रमुख सिरसिया पद के लिए विगत कई महीनों से गतिरोध चल रहा है। सिरसिया के 74 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने दद्दन खां उर्फ मैनुद्दीन की अगुवाई में डीएम के सामने शपथ पत्र प्रस्तुत कर ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था।
इस पर कई दिनों तक डीएम ने संज्ञान ही नहीं लिया। जब क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो आनन फानन में डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक के लिए 24 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी थी। वहीं दूसरी ओर इस निर्धारित बैठक पर स्टे के लिए मौजूदा ब्लॉक प्रमुख अनीता देवी ने भी हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी।
इसकी सुनवाई करते हुए मंगलवार को न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था। वहीं दूसरी ओर जब निर्धारित समय पर बैठक में प्रतिभाग के लिए 75 बीडीसी सदस्य ब्लॉक पहुंचे तो वहां डीएम के हस्ताक्षर से एक नोटिस चस्पा पाया।
इसमें बैठक की अध्यक्षता करने वाले एसडीएम भिनगा चंद्र मोहन गर्ग को अस्वस्थ बताते हुए इसे स्थगित करने की जानकारी दी गई थी। इस आदेश के बाद अविश्वास में प्रतिभाग के लिए आए क्षेत्र पंचायत सदस्य तो लौट गए, लेकिन देर शाम हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अनीता देवी के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
इस आदेश के बाद ब्लॉक प्रमुख सिरसिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया। वहीं दूसरी ओर लोग एसडीएम को अस्वस्थ बता कर बैठक को स्थगित करने के मामले को सत्ता पक्ष का दबाव बता रहे हैं।