गिलौला (श्रावस्ती)। गांवों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। इससे क्षेत्र के कस्बे ही नहीं ब्लाॅक मुख्यालय भी अछूते नहीं हैं। गांवों में संक्रामक रोग कहर बरपा रहे हैं। शिकायत के बाद भी न तो गांवों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है और न ही चिकित्सक मौके पर जाकर इलाज कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ गिलौला कस्बे में भी देखा गया। कस्बे में 11 लोग खसरे की चपेट में हैं।
जिले में विगत माह को संचारी रोग व दस्तक अभियान के रूप में मनाया गया। इसके बाद भी न तो गांवों में सफाई कराई गई और न ही जल निकासी का उचित प्रबंध ही कराया गया। इसके चलते गांवों में संक्रामक रोग फैल रहे हैं। ब्लाक मुख्यालय गिलौला कस्बे में एक पखवारे से खसरे का प्रकोप व्याप्त है। इसकी चपेट में आने से कस्बा निवासी प्रदीप विश्वकर्मा (35), बसम (11), अमन (15 ), हर्षित (17), खुशी (11), अरविंद (10), सूचित (15), इच्छा (3), दीक्षा (6) आदि बीमार हैं। परिवार के लोगों की ओर से इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद भी चिकित्सकों की टीम मौके पर नहीं पहुंची। परिवारीजनों का आरोप है कि ऐसी भीषण गर्मी में खसरे के रोगियों को अस्पताल ले जाना घातक हो सकता है। इसके बावजूद चिकित्सक अस्पताल से कस्बा आने को तैयार नहीं है।
सीएचसी गिलौला के अधीक्षक डाॅ. दीपक शुक्ला का कहना है कि किसी भी बीमारी की जानकारी मिलने के बाद आशाओं को सूचना दी जाती है। इसके बाद चिकित्सकों की टीम भेजकर पीडि़तों को दवा का वितरण कराया जाता है। गिलौला कस्बे में बीमारी की जानकारी उन्हें नहीं है। चिकित्सकों की टीम भेजकर पीडि़तों को दवा वितरित कराई जाएगी। संवाद