वीरपुर। दो जिलों के बीच में फंसे मथुरा घाट पर पुल बनने का रास्ता साफ हो गया है। शासन की ओर से पुल निर्माण के लिए 74 करोड़ नौ लाख 20 रुपये के सापेक्ष 25.93 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पुल बन जाने पर श्रावस्ती व बलरामपुर के कई गांवों को सीधे जुड़ने का लाभ मिल सकेगा।
राप्ती नदी का मथुरा घाट बलरामपुर जिले की सीमा पर स्थित है। नदी के इस पार गुलहरिया, बगहा, हुसैनजोत, फत्तूपुर तनाजा, चक्रभंडार व बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती स्थित है। दूसरी तरफ बलरामपुर जिले का जोधीपुरवा, पंडितपुरवा, गोड़वा, शेखापुर, कुदर गोड़वा, कंजेभरिया, पतझी व बनक सिंह आदि गांव स्थित हैं।
लंबे अरसे से लोग मथुरा घाट पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से 10 जून को जान दांव पर लगाकर जुगाड़ का पुल पार करना लोगों की मजबूरी... शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर क्षेत्रीय विधायक रामफेरन पांडेय ने पुल निर्माण के लिए शासन से पत्राचार किया था।
इससे मात्र सात माह के भीतर शासन की ओर से नाबार्ड वित्त पोषित आरआईडीएफ-31 योजना के तहत 74.09 करोड़ रुपये को मंजूरी मिली है। साथ ही 25.93 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
24 किमी का चक्कर लगाने से मिलेगी निजात
स्थानीय लोग ककरा-मथुरा घाट पर प्रति वर्ष लकड़ी, बांस पुआल का अस्थायी पुल बनाकर पैदल व बाइक से नदी पार करते हैं। कार व अन्य वाहनों को आने-जाने के लिए 22 किमी दूर बलरामपुर जिले के कोड़री घाट पुल व 24 किमी दूर अंधरपुरवा घाट पुल का चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।
पुल निर्माण से इन्हें मिलेगा लाभ
पुल न होने से सड़क निर्माण भी बाधित है। ऐसे में बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती आने वाले पर्यटकों को आचमन के लिए पैदल ही राप्ती नदी तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सिरसिया के विभूति नाथ मंदिर व बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का भी आवागमन सुलभ हो जाएगा।
काफी प्रयास के बाद मिली सफलता
पुल निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। दो माह के भीतर ही पुल निर्माण का काम प्रारंभ करा दिया जाएगा।
- रामफेरन पांडेय, विधायक