श्रावस्ती। श्रमिक कल्याण के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। लेकिन श्रम विभाग में पंजीयन न होने के कारण तमाम पात्र सरकार की योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। श्रमिकों के लिए सरकार मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना संचालित कर रही है। जो पंजीकृत श्रमिकों के लिए वरदान है। योजना के लाभ के लिए सभी संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तत्काल अपना पंजीयन कराएं।
यह बातें शनिवार को जिला अधिकारी टीके शिबु ने श्रमिकों के नाम जारी अपील में कही। डीएम ने अपील में कहा है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के हित मे मातृ शिशु एवं बालिका मदद योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत पंजीकृत पुरुष निर्माण श्रमिकों को उसकी पत्नी के संस्थागत प्रसव के लिए छह हजार रुपये एकमुश्त दिया जाता है। बालक शिशु के जन्म पर पौष्टिक आहार के लिए उन्हें 20 हजार रुपये एकमुश्त और बालिका शिशु के जन्म पर 25 हजार रुपये एक मुश्त प्रदान किया जाता है।
इसी प्रकार पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को संस्थागत प्रसव पर मातृत्व लाभ के रूप में उनकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन की दर से तीन माह के वेतन के समतुल्य परिसर में एकमुश्त देय होगा। वहीं चिकित्सा बोनस के रूप में एक हजार रुपये अलग से दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त परिवार में पहली बालिका के जन्म होने पर एकमुश्त 25 हजार रुपये बतौर सावधि जमा के रूप में देय होगा। यदि जन्मी बालिका दिव्यांग हो तो यह राशि 50 हजार रुपये बतौर सावधि 18 वर्ष के लिए जमा होगा। योजना के लाभ के लिए सभी संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तत्काल अपना पंजीयन श्रम विभाग में करा लें। जिससे उन्हें योजनाओं से लाभान्वित कराया जा सके।