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सिंथेटिक पनीर, खोवा व मिठाई से पटा बाजार

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श्रावस्ती। दीपावली का त्योहार जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे सिंथेटिक पनीर व खोवा की आपूर्ति बाजार में होने लगी है। यह सारा सामान कानपुर व बाराबंकी मंडी से आ रहा है। इसका खुलासा होने पर मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इकौना सहित कई अन्य स्थानों पर छापा मारकर 55 किलो पनीर व 70 किलो मिलावटी छेना नष्ट कराया। ऐसे ही कई स्थानों से टीम ने 17 खाद्य पदार्थों के नमूने भरकर जांच के लिए लैब भेजे।
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दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाई व पनीर की खपत बढ़ जाती है। इस खपत को पूरा करने के लिए सिंथेटिक खोवा व पनीर बनाने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। कानपुर व बाराबंकी के व्यापारी इन बाजारों की इस मांग को पूरा करते हैं। इस तरह का सिंथेटिक खोवा व पनीर से बाजार भरा पड़ा है। इसका खुलासा मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खुद किया।
विभाग की टीम ने बदलौ चौराहे स्थित एक दुकान पर छापा मार कर 70 किलो मिलावटी छेना तथा 40 किलो पनीर को नष्ट कराया। इसी प्रकार इकौना की एक दुकान पर छापा मारकर टीम ने वहां भी 15 किलो पनीर को नष्ट कराया। ऐसे ही टीम ने जिले के कई अन्य स्थानों पर छापा मारकर वेजीटेबल ऑयल, रसगुल्ला व सुपारी समेत अन्य खाद्य पदार्थों के 17 नमूने भरे।
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इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। खलवा बाजार में एक व्यापारी के पास से स्वीट सुपारी के दस पैकेट को भी टीम ने जब्त कर लिया। टीम ने भिनगा, इकौना व जमुनहा की कई बाजारों में भी छापा मारा।
यहां से आता सिंथेटिक खाद्य पदार्थ
त्योहारों में दूध, पनीर व खोवा की मांग बढ़ जाती है। इसको पूरा करने के लिए सबसे बड़ा बाजार नेपाल का सोनार क्षेत्र है। यहां से जमुनहा के रास्ते सिंथेटिक दूध जिले में आता है। जमुनहा में दूध से पनीर व खोवा बनाने की कई भट्ठियां लगी हुई हैं। सिंथेटिक दूध से खोवा, पनीर बना कर जिले के बाजार में पहुंचाया जाता है।
वहीं दूसरी ओर कानपुर व बाराबंकी से भी सिंथेटिक खोवा, पनीर के साथ रेडीमेट मिठाई की आपूर्ति की जाती है। यह मिठाई जिले के लगभग सभी दुकानों पर पहुंचती है। इनमें ज्योदातर दूध से बनी मिठाई ही शामिल होती है।
नहीं लिखी जा रही एक्सपायरी डेट
लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सके इसके लिए मिठाई के निर्माण व उसकी एक्सपायरी डेट का टैग दुकानों पर लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन जिले में किसी भी दुकानदार की ओर से इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। मिठाइयों के पास न तो निर्माण और न ही उसकी एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही है। इससे दुकानदार काफी पहले बनी हुई मिठाई भी दुकानों पर सजा कर बेच रहे हैं।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए मंगलवार को कई स्थानों पर छापा मारा गया। इस दौरान कई जगहों से 17 खाद्य पदार्थों के सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए। वहीं 55 किलो पनीर व 70 किलो छेना नष्ट कराया गया। यह छापा जिले में लगातार जारी रहेगा। - सुनील कुमार शर्मा, अभिहित अधिकारी
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