श्रावस्ती। मल्हीपुर क्षेत्र निवासी कन्हैयालाल को मामा की बेटी से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने सोमवार को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि न जमा करने पर दोषी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
मल्हीपुर क्षेत्र के निवासी युवक ने 12 नवंबर 2022 को थाने में तहरीर देकर बताया कि वह किसी कार्य से नेपाल गए थे। उनकी 15 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। इस दौरान दोपहर में उनकी बहन का बेटा कन्हैयालाल घर आया। उनकी बेटी की तबीयत खराब थी। उसने बताया कि पापा घर पर नहीं है। इसके बाद भी कन्हैयालाल जबरन घर में घुस आया। उसने उनकी बेटी को जबरन पकड़ लिया और कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
नेपाल से वापस आने पर उनकी बेटी ने आपबीती सुनाई तो उनके होश उड़ गए। पीड़िता के साथ वह थाना गए और प्राथमिकी दर्ज करवाई। पुलिस ने नौ गवाहों के बयान दर्ज किए। पीड़िता के डॉक्टरी परीक्षण, कपड़ों से साक्ष्य संकलन व संपूर्ण जांच के बाद ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सोमवार को कन्हैयालाल को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। न्यायाधीश ने उसे सजा सुनाई और उस पर जुर्माना भी लगाया।