श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को संभावित बाढ़ को लेकर की गई तैयारी की मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तैयारियों की जानकारी लेते हुए राहत व बचाव कार्य के लिए पुख्ता तैयारी रखने का निर्देश दिया।
बैठक में उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान होने वाली संभावित संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए ठोस कदम उठाएं। संभावित बाढ़ से यदि घर या फसल का नुकसान हो तो समय से सर्वे कराकर क्षति का आकलन कर पीड़ितों को समय से क्षतिपूर्ति मुहैया कराएं। विगत वर्षों में आई बाढ़ को देखते हुए राहत व बचाव कार्य की सभी तैयारियां पूरी कर लें। बाढ़ राहत सामग्रियों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करें। सभी बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य टीम की व्यवस्था के साथ बरसात के दिनों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी वेनम सहित अन्य व्यवस्था दुरुस्त रखें। पशुओं को चारे की कोई दिक्कत न होने पाए, पशुओं को बरसात के दिनों में होने वाली बीमारियों के बचाव के लिए टीकाकरण कराएं।
एडीएम अमरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राप्ती बैराज का खतरे का निशान 127.70 मीटर है। इस वर्ष बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 19 बाढ़ चौकियां व 28 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। बाढ़ चौकियों व शरणालयों के साथ ही नौ पशु शरणालयों की व्यवस्था की गई है। जिले में 67 नाव, 129 नाविक व 293 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। साथ ही 178 आपदा मित्रों को भी सक्रिय किया गया है। सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों व चौकी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्ट्रेट में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित है। 05250-297302, 8545092198 व 8960498147 पर संपर्क कर अपनी समस्या बता सकते हैं। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील है। बैठक में सीडीओ शाहिद अहमद, डीडीओ रामसमुझ, एसीएमओ डा. वीके श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग केपी मिश्र व सीवीओ डाॅ. राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।