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नहीं दुरुस्त हुए मुख्य मार्ग व क्षतिग्रस्त पटरियां

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श्रावस्ती। शासन की ओर से मुख्य व संपर्क मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने का लाख दावा किया जाए, लेकिन जिले में ऐसा हो पाना संभव नहीं दिख रहा है। यहां मुख्य मार्ग ही नहीं उनकी पटरियां भी क्षतिग्रस्त हैं। विगत बाढ़ व बरसात के दिनों में क्षतिग्रस्त हुए इन मार्गों को अब तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। जिले में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है।
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ऐसे में बरसात के दिनों में इन मार्गों पर सफर करना लोगों के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है। बौद्ध परिपथ, फोरलेन सहित भिनगा इकौना डबल लेन मार्ग के साथ जिले के अधिकांश मार्गों पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसके साथ ही इनकी पटरियां भी कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। इनसे गुजरने वाले वाहन इन गड्ढों के चलते आए दिन दुर्घटना ग्रस्त होते रहते हैं। वहीं बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाएगी।
जर्जर पटरियां बन रही दुर्घटना का सबब
मुख्यालय भिनगा को इकौना से जोड़ने वाले भिनगा इकौना डबल लेन मार्ग की पटरियां विगत वर्ष बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब दो वर्षों पूर्व इकौना के ग्राम चिचड़ी से सेमरी चौराहा तक 9 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया गया था। इस मार्ग पर अंधरपुरवा, भभरी भगवानपुर सहित कई अन्य स्थानों पर मार्ग की पटरियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यही हाल फोरलेन, भिनगा लक्ष्मनपुर, भिनगा परसा, मधवापुर घाट मार्ग आदि का भी है। इनकी पटरियों की मिट्टी बह गई थी। जिसे दुरुस्त नहीं कराया गया। ऐसे में बरसात के दिनों में जहां इन मार्गों के कटने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं वाहनों के पास लेते समय दुर्घटना होने की संभावनाएं बनी हुई हैं।
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तमाम दावों के बाद भी नहीं दुरुस्त हुआ मार्ग
जमुनहा बहराइच मुख्य मार्ग पूरी तरह से जर्जर है। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है। जिससे निजात के लिए कुछ माह पूर्व जमुनहावासियों ने पटना में चक्का जाम कर प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने एसडीएम जमुनहा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बरसात पूर्व मार्ग को दुरुस्त कराने का दावा कर लोगों को शांत कराया था, जो दावा ही रहा। आज तक मार्ग की दशा नहीं सुधरी। मार्ग पर बने गड्ढे बरसात के दिनों में बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। जिस पर ध्यान न दिए जाने से क्षेत्रवासियों में प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।
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