जेतवन परिसर में पूजा करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को म्यांमार से आए अनुयायियों के 20 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया। बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध ने माता-पिता को ब्रह्मा बताया था। उन्होंने माता-पिता को आदि आचार्य और आदि देव भी बताया था। बुद्ध ने बताया कि माता-पिता ही प्रत्यक्ष देवता हैं और पूज्यनीय हैं। माता-पिता की सेवा करना, उनके खान-पान, रहन-सहन और दवा जैसी सभी आवश्यकताओं का उचित प्रबंध करना असीम उपकार है।