बोधि वृक्ष की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बुद्ध की तपो॓स्थली श्रावस्ती रविवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों से गुलजार रही। सभी ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में बोधि वृक्ष की पूजा की।
इस दौरान हुई सभा में भिक्षु देवानंद ने बताया कि भगवान गौतम बुद्ध ने लोगों को त्याग की परिभाषा सिखाई है। उनका जन्म 623 ईसा पूर्व दक्षिणी नेपाल स्थित लुम्बिनी प्रांत में हुआ था। वह एक राजा के पुत्र थे। बुद्ध को किसी भी सुख-सुविधा की कमी नहीं थी, लेकिन वास्तविक दुनिया से परिचय होते ही उनके मन में त्याग की भावना बैठ गई।
गौतम ने सभी सुख-सुविधाओं का त्याग कर तपस्या के माध्यम से ज्ञान प्राप्ति का मार्ग चुना। इस दौरान काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे। सभा के बाद सभी ने जेतवन का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली।