फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shravasti News: कागजों में सिमटा पशु टीकाकरण

Wed, 12 Aug 2026 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
विज्ञापन
बदलूराम, अंगनू,जन्नन,रामबघेल यादव।
विज्ञापन
श्रावस्ती/गिरंट बाजार। पशुपालन विभाग मवेशियों को बीमारियों से बचाने के लिए वर्ष में दो से तीन दिन तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाता है। इसके लिए गठित टीम घर-घर जाकर मवेशियों का निशुल्क टीकाकरण करती है। मंगलवार को अमर उजाला ने इस अभियान की धरातल पर पड़ताल में पता चला कि कई गांवों में एक वर्ष से मवेशियों को टीका नहीं लगाया गया है। कुछ जगहों पर कभी कोई पशु चिकित्सक पहुंचा ही नहीं। ऐसे में पशुपालकों को निजी खर्चे पर मवेशियों का टीकाकरण और इलाज कराना पड़ता है।
विज्ञापन


केस एक

कभी टीका लगाने नहीं आते हैं कर्मी
ग्राम पंचायत लालपुर हरीडीह निवासी बदलू राम ने बताया कि वह दूध बेचने का व्यवसाय करते हैं। कोई भी पशु चिकित्सक व कर्मी कभी भी उनकी भैंसों का टीकाकरण के लिए नहीं पहुंचा है। गांव के जगदेव, राकेश ने बताया कि मवेशियों के बीमार होने पर उनका निजी खर्चे से इलाज कराना पड़ता है।
केस दो

इंजेक्शन ही नहीं लगा पाते हैं चिकित्सक
ग्राम पंचायत हरदत्त नगर गिरंट के मजरा काशीपुरवा निवासी अंगनू ने बताया कि दो वर्ष पूर्व टीकाकरण हुआ था। इसके बाद मवेशियों का टीकाकरण करने कोई नहीं आया। भैंस बीमार होने पर जब उन्होंने चिकित्साधिकारी नरेंद्र वर्मा को सूचना दी, लेकिन वह नहीं पहुंचे। वहीं, उन्होंने बताया कि वह मवेशियों को इंजेक्शन नहीं लगा पाते हैं। इसी तरह से पशुपालक रक्षाराम यादव व रामहरक ने बताया कि कभी कोई कर्मचारी टीकाकरण करने नहीं पहुंचता है।
विज्ञापन

केस तीन

चार वर्ष पूर्व हुआ था मवेशियों का टीकाकरण
ग्राम पंचायत देवरनिया के मजरा सुबराती पुरवा निवासी जन्नन ने बताया कि चार वर्ष पूर्व मवेशियों को विभाग की ओर से टीका लगाया गया था। इसके बाद कोई भी अधिकारी कर्मचारी कभी गांव में नहीं पहुंचा। ग्रामीण नफीस ने बताया कि मवेशियों के इलाज के लिए निजी संस्था के कर्मचारियों को बुलाना पड़ता है।
केस चार

गांव में नहीं आते विभाग के कर्मी
ग्राम पंचायत रामपुर बस्ती के प्रधान प्रतिनिधि राम बघेल यादव ने बताया कि उनके पास कई मवेशी हैं, जिनका टीकाकरण लगभग एक वर्ष पूर्व हुआ था। इसके बाद कभी कोई कर्मचारी गांव में नहीं आया। ग्रामीण नंदू व रमेश ने बताया कि पशुओं के बीमार होने पर निजी चिकित्सकों को बुलाकर इलाज कराना पड़ता है, लेकिन विभाग से कोई कर्मचारी कभी नहीं आता है।

इस समय एफएमडी (खुरपका व मुंहपका) का टीकाकरण कराया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण हो सकता है कोई कर्मचारी गांव में न पहुंचा है। यदि किसी मवेशी का टीकाकरण नहीं हुआ है तो पशुपालक को चाहिए कि वह मवेशियों को पशु चिकित्सा केंद्र पर ले जाकर टीका लगवा सकता है।
- डॉ. अरविंद कुमार, उप जिला पशु चिकित्साधिकारी

बदलूराम, अंगनू,जन्नन,रामबघेल यादव।

बदलूराम, अंगनू,जन्नन,रामबघेल यादव।

बदलूराम, अंगनू,जन्नन,रामबघेल यादव।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें