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तेंदुए ने महिला को मार डाला

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श्रावस्ती में तेंदुए के हमले में महिला की मौत के बाद रोते बिलखते परिवारीजन। - फोटो : SRAWASTI
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सिरसिया (श्रावस्ती)। सोहेलवा जंगल से सटे गांवों में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की रात जंगल से आए तेंदुए ने बालू घोलिया गांव में घर के बाहर बरामदे में सो रही महिला को निवाला बना लिया। उसका क्षत-विक्षत शव सुबह गांव के बाहर पड़ा मिला। वहीं, इसी रात गांव के ही मजरा कैथौली में एक अन्य महिला पर भी तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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सिरसिया थाना क्षेत्र के बालू घोलिया गांव निवासी उर्मिला (55) पत्नी राममिलन यादव रविवार की रात करीब 11 बजे घर के बाहर बरामदे में सो रही थी। इसी बीच तेंदुआ उसे गांव के बाहर उठा ले गया और नोच कर मार डाला। सुबह जागे परिवारीजनों को उर्मिला बिस्तर पर नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू कर दी।
खोजबीन के दौरान महिला का शव गांव के बाहर पड़ा मिला। घटना की सूचना ग्रामीणों ने सिरसिया पुलिस सहित वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे सीओ भिनगा डॉ. जंग बहादुर सिंह यादव, तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय, थाना प्रभारी आरपी यादव व वन क्षेत्राधिकारी सोहेलवा मदन लाल ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिनगा भेज दिया।
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उधर, इसी रात तेंदुआ गांव के ही मजरा कैथौली पहुंच गया। जहां उसने घर के बाहर बरामदे में सो रही फूलमती (57) पत्नी रामसुमिरन पर हमला बोल दिया। फूलमती की चीख पुकार पर ग्रामीणों को आता देख तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। परिवारीजनों ने घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसिया में भर्ती कराया है। एक ही रात दो गांवों में तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।
बलरामपुर डीएफओ रजनीश मित्तल ने कहा कि तेंदुआ आदमखोर हो गया है। ऐसे में उसे पकड़वाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जब तक तेंदुआ पकड़ में न आए, तब तक लोग सावधानी बरतें। यदि पिंजारा खराब है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।
तीन में दो पिंजरा खराब, कैसे पकड़ में आए तेंदुआ
सिरसिया थाना क्षेत्र के ही सोहेलवा जंगल से सटे विभूतिनाथ मंदिर में बीते पखवारे परिवार के साथ भंडारा कराने आई किशोरी मंदिर परिसर में बने रैन बसेरे में सो रही थी। उसे रात में तेंदुआ उठा ले गया, जिसका शव सुबह झाड़ियों में पड़ा मिला था। इस घटना के बाद तेंदुआ ने पड़ोसी बलरामपुर जिले के एक गांव की किशोरी को निवाला बना लिया था। वहीं, शनिवार की रात मंदिर परिसर के निकट बंधी एक बछिया को तेंदुआ ने निवाला बना लिया। इससे जंगल से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा व तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा मंदिर के पास तीन पिंजरे रखवाए गए हैं। इनमें से दो पिंजरे खराब हैं। ऐसे में वन विभाग की निष्ठा पर सवालिया निशान लग रहा है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि वन विभाग स्वयं तेंदुआ पकड़ने को लेकर गंभीर नहीं है। जब तीन में से दो पिंजरा खराब हैं तो तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में कैसे आएगा।
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