सिरसिया (श्रावस्ती)। सोहेलवा जंगल से निकलकर उससे सटे सिरसिया बाजार व बेचईपुरवा के आसपास के गांवों में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार रविवार रात पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के कैद हो जाने पर आसपास के गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। रात में ही मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने पिंजड़ा सहित तेंदुआ को अपने साथ वन कार्यालय पूर्वी सोहेलवा ले गये। तेंदुए को कहीं अन्य स्थान पर छोड़ने के लिए लिखा पढ़ी की जा रही है।
सिरसिया विकास क्षेत्र में 24 से अधिक गांव भिनगा व सोहेलवा जंगल से सटे हुए हैं। वहीं सोहेलवा जंगल से सटे सिरसिया बाजार, बालापुर, तकिया, कुसमहवा, बेचईपुरवा, टंगपसरी, धन्नीडीह, धर्मंतापुर, भचकाही व रनियापुर आदि गांवों में अक्सर सोहेलवा जंगल से निकल कर आने वाले जंगली हिंसक जीव लोगों को अपना शिकार बनाते रहे हैं।
शायद ही कोई वर्ष ऐसा बीता हो जब जंगल से निकलकर तेंदुए ने किसी को अपना शिकार न बनाया हो। मानव के न मिलने पर तेंदुआ मवेशियों व पालतू पशुओं को आए दिन शिकार बनाता रहा है। इससे भयभीत क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कई बार डीएफओ सहित वन क्षेत्राधिकारी पूर्वी सोहेलवा से मिल कर तेंदुए को पकड़वाने की मांग की।
ग्रामीणों के भय व विरोध के बाद कुछ दिन पूर्व सिरसिया क्षेत्र के पूर्वी सोहेलवा रेंज के अंतर्गत गब्बापुर गांव के उत्तर तरफ भैंसाही नाले में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया था जिसमें चारा भी बांधा जा रहा था लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा था। एक सप्ताह से हो रही बरसात के कारण जंगल में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। ऐसे में भोजन की तलाश में रविवार की रात जंगल से निकला तेंदुआ भैंसाही नाला पहुंच गया।
वहां पिंजड़े में बंधे बकरे की आवाज सुन उसे खाने के चक्कर में तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने वन क्षेत्रधिकारी पूर्वी सोहेलवा मदन लाल को दी गई। वन कर्मियों के साथ रात में ही पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी पिंजड़े में कैद तेंदुए को पूर्वी सोहेलवा रेंज ले गये। इस बारे में रेंजर का कहना है कि तेंदुए को यहां से कहीं अन्य स्थान पर छोड़ने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।