श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना दो मई को होनी है। कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न पदों के लिए सभी प्रत्याशी, निर्वाचन एजेंट व मतगणना अभिकर्ता को कोविड टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में इस आदेश के क्रम में विभिन्न सीएचसी व पीएचसी पर भारी भीड़ एकत्र हो रही है। जिस कारण कोविड-19 के प्रसार में वृद्धि हो सकती है। जिसके चलते यह आदेश निरस्त किया जाता है।
यह जानकारी देते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट व उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) योगानंद पांडे ने बताया है जिला मजिस्ट्रेट व जिला निर्वाचन अधिकारी टीके शिबु के निर्देश पर इस आदेश को निरस्त किया जाता है। ऐसे में अब सभी प्रत्याशी व उनके निर्वाचन एजेंट एवं मतगणना अभिकर्ताओं की जांच मतगणना के ही दिन मतगणना स्थल के गेट के बाहर की जाएगी। यह जांच थर्मल स्कैनिंग व पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए न्याय पंचायतवार रोस्टर का प्रकाशन एक दिन पूर्व करते हुए अनुमानित समय के अनुसार नामजद सूची बनाई जाएगी। जिससे जिस पंचायत की गणना हो रही है केवल उन्हीं को प्रवेश दिया जाएगा।
जांच के दौरान यदि किसी प्रत्याशी, एजेंट व मतगणना अभिकर्ता का तापमान व निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया जाता है। उन्हें मतगणना स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत सभी मतगणना स्थलों पर प्रत्येक न्याय पंचायतवार 01-01 काउंटर बनाया जाएगा, जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर के साथ जांच करेगी। जांच के बाद प्रत्याशी, निर्वाचन एजेंट व मतगणना अभिकर्ता की रिपोर्ट सही पाई आएगी। उन्हें ओके की एक पर्ची दी जाएगी, जिसके आधार पर उनका प्रवेश संभव होगा। थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा की जाएगी। प्रत्येक न्याय पंचायतवार स्वास्थ्य विभाग की टीम का गठन मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा किया जाएगा। यह कार्य एक मई को पूर्ण कर लिया जाए।
उन्होंने बताया कि संबंधित उपजिलाधिकारी का यह दायित्व होगा कि दोनों व्यवस्थाओं का अनुश्रवण कराएं। यदि किसी प्रकार की समस्या संज्ञान में आती है, तो तत्काल सूचित किया जाए। रिटर्निंग आफीसर प्रत्येक न्याय पंचायत में सम्मिलित ग्राम पंचायतों के लिए एक रोस्टर तैयार किया जाए। जिससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके। अर्थात जिस ग्राम पंचायत की मतगणना सबसे पहले होगी, उसी के एजेंट जांच के बाद संबंधित मतगणना काउंटर पर रहेंगे। शेष जांच कराकर मतगणना स्थल पर मौजूद रहेंगे।
एक ग्राम पंचायत की मतगणना समाप्त होने व उसके परिणाम की घोषणा होने तथा जब उसके मतगणना अभिकर्ता बाहर निकल जाएंगे, तभी दूसरे मतगणना अभिकर्ता को अंदर जाने की अनुमति होगी। इसके लिए रिटर्निंग आफीसर पूर्व से ही तैयारी कर लें। तथा इसकी एक प्रति मतगणना स्थल के गेट पर नियुक्त मेडिकल टीम व पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया जाए। इसी सूची के आधार पर ही मतगणना अभिकर्ताओं को प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे में प्रत्याशी, निर्वाचन एजेंट व मतगणना अभिकर्ता सीएचसी/पीएचसी पर टेस्ट करवाने के लिए अनावश्यक भीड़ न लगाएं।