श्रावस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावस्ती के गुलरा स्थित केन नाला को जैव विविधता विरासत स्थल घोषित करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा उन्होंने शुक्रवार को बलरामपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान की। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से श्रावस्ती में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
452.88 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैले भिनगा आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित केन नाला का 80 हेक्टेयर क्षेत्र अब जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में जाना जाएगा। मीठे और स्वच्छ जल के एक अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्र के रूप में प्रसिद्ध केन नाले की प्रमुख वनस्पति फ्रेश वाटर मैंग्रोव बैंरिंगटोनिया एक्यूटेंगुला है, जिसे स्थानीय लोग इंजड़ कहते हैं।
घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावस्ती भगवान राम के पुत्र लव द्वारा बसाई गई नगरी है। यहां भगवान बुद्ध ने सर्वाधिक चतुर्मास व्यतीत किए थे और यह जैन परंपरा से भी जुड़ी तीर्थस्थली है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्रावस्ती को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केन नाला विभिन्न स्थलीय और जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास है। यहां वन्य जीव, पशु और पक्षी भी निवास करते हैं। यह क्षेत्र पक्षियों के ऋतु प्रवास के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां औषधीय पौधों की कई प्रजातियां भी पाई जाती हैं। यह स्थल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में शामिल नहीं है।