श्रावस्ती। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को जिले के कई स्थानों पर मेले लगेंगे। जहां मेलार्थियों की भीड़ को देखते हुए सभी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी हैं, वहीं प्रशासन ने भी मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए अलर्ट जारी किया है। मेले पर सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों की नजर रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेटिक, सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे।
इकौना के टड़वा महंथ स्थित सीताद्वार झील के किनारे पांच दिवसीय विशाल मेले का आयोजन होगा। पवित्र झील में हजारों श्रद्धालु स्नान व दान-पुण्य कर माता सीता का दर्शन करेंगे। इसके साथ ही हरिहरपुररानी क्षेत्र के लखरांव बाग में तीन दिवसीय कार्तिक मेला लगेगा।
इसी क्रम में सिरसिया के कोयलहवा स्थित जनकपुर में पंचमुखी हनुमान मंदिर, विभूतिनाथ मंदिर, ताल बघौड़ा, हरिहरपुररानी क्षेत्र के लबेदपुर राजघाट, जमुनहा के जगपतिनाथ, गिलौला के बेलकर, प्रहलादा कुट्टी, दिकौली के सगरा, खुरहुरी मोड़, बरदेहरा, भंगहा बाजार स्थित हनुमान मंदिर, भकला कुट्टी के कुड़िया समय स्थान, लेंगड़ी गूलर, कुर्बेनी, बैदौरा सहित जिले के कई अन्य स्थानों पर स्थित जलाशयों के किनारे विशाल मेले का आयोजन होगा।
सभी जगहों पर मेलार्थियों की भीड़ को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसी भी मेला परिक्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। इतना ही नहीं मेलार्थियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ही ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा। मेला परिसर तक आने जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरियर लगा कर आने-जाने वालों की निगरानी की जाएगी।
पुलिस के साथ ही स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहेंगे। मेलार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए सीताद्वार में अस्थाई शौचालय, पानी टंकी सहित सभी मेला क्षेत्रों में बिजली का भी इंतजाम किया गया है।
डीएम व एसपी ने लिया मेला परिसर का जायजा
इकौना के सीताद्वार में मंगलवार से लगने वाले तीन दिवसीय मेले का सोमवार को डीएम यशु रुस्तगी, एसपी अनूप सिंह व एडीएम योगानंद पांडे ने जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा ने बताया कि यहां नवमी पर लगने वाले मेले को देखते हुए झील के घाटों की सफाई करवाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को स्नान करने में कोई असुविधा न हो। वहीं झील में घाट से 10 फीट की दूरी पर बैरिकेडिंग करवाई गई है। लोगों को चेतावनी के लिए लाल झंडी भी लगाई गई है। महिलाओं के स्नान के लिए अलग घाट व चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही पेयजल के लिए प्रमुख स्थानों पर हैंडपंप भी लगाए जा चुके हैं।
नहीं हटा मौत का कुआं व बड़ा झूला
इकौना के सीताद्वार मंदिर परिसर में डीएम के प्रतिबंध के बाद भी मौत का कुआं व बड़ा झूला लगाया गया है। बिना अनुमति लगाए गए इस झूले व मौत के कुएं को अब तक नहीं हटाया गया है। ऐसे में डीएम द्वारा मेला परिक्षेत्र में फूहड़ गीत तथा नृत्य पर लगाए गए प्रतिबंध पर भी सवालिया निशान लगने लगा है। लोगों का मानना है कि प्रति वर्ष प्रतिबंध के बाद भी ऐसे नृत्य व गीतों की प्रस्तुति होती रहती है। ऐसे में इस बार भी इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय ने कहा कि डीएम ने स्वयं मौके पर आकर मौत का कुआं हटाने का निर्देश दिया है। रही बात झूले की तो वह उतना बड़ा नहीं है जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है।