श्रावस्ती। कजरी तीज पर सोमवार को सिरसिया के पांडव कालीन गुप्त काशी विभूतिनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के लिए रविवार से ही कांवड़ियों का जत्था विभूतिनाथ परिसर में एकत्र होने लगा था। ये सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा।
भाद्रपद शुक्लपक्ष तृतीया पर सोमवार को जिले में कजरी तीज पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा न सकी। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी सिरसिया के ऐतिहासिक पांडवकालीन विभूतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।
मौसम की परवाह किए बगैर कांवड़ियों का जत्था पैदल ही विभूतिनाथ मंदिर पहुंचा। जहां कांवड़ियों ने अपने आराध्य देव महादेव का दुग्ध, गंगाजल, शहद, रोली, चंदन, अक्षत, बेलपत्र, मदार, धतूरा, गांजा के साथ ही रजियाताल एवं गुप्त गंगा से जल लाकर जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मंदिर परिसर से लेकर सिरसिया तक वाहनों की कतारें देखने को मिलीं।
वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं को सिरसिया से पैदल ही जाना पड़ा। इस दौरान विभूतिनाथ परिसर में आयोजित विशाल मेले में तिल रखने की भी जगह नहीं दिखी। गिलौला के झारखंडी, सदाशिव महादेव व इकौना के बेचूबाबा सहित अन्य शिवालयों में भी भोर से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
कजरी तीज (हरितालिका तीज) पर सोमवार को सुहागिन महिलाओं ने निर्जल व्रत रखकर माता पार्वती व भोलेनाथ की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन किया। सुहागिनों ने जहां भोलेनाथ पर दुग्ध, गंगाजल, शहद, रोली, चंदन, अक्षत, बेलपत्र, मदार, धतूरा आदि चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया। वहीं माता गौरी व गौरी सुत गजानन को सिंदूर व अक्षत चढ़ाकर विधिविधान पूर्वक पूजन कर सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद मांगा। शाम को सुहाग की सामग्री दान कर अमर सुहाग की कामना की।
विभूतिनाथ मंदिर में कांवड़ियों की भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने रविवार सुबह से ही कांवड़ियों व आम लोगों के वाहनों को मेला परिसर से पहले ही रोक दिया गया। भिनगा की ओर से जाने वाले वाहनों को निराला नगर, फायर सर्विस ग्राउंड, त्रयंबकेश्वर विद्यालय परिसर, बनवारी देवी डिग्री कॉलेज परिसर व पटखौली बैरियर के पास रोका गया। जबकि लक्ष्मनपुर व जोखवा की ओर से जाने वाले वाहनों को तपसी इंटर कॉलेज सेमरहना के पास रोका गया। वहीं बलरामपुर व तुलसीपुर की ओर से आने वाले वाहनों को विभूतिनाथ मंदिर के मुख्य गेेट से पहले ही रोका गया।
विभूतिनाथ मंदिर परिसर में कजरी तीज पर विशाल मेले का आयोजन किया गया। इसमें आए लोगों ने प्रोजेक्टर के साथ ही विभिन्न झूलों का आनंद लिया। वहीं मेले में लगी सौंदर्य प्रसाधन, खिलौनों व घरेलू उपयोग के सामानों की दुकानों पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ लगी रही। मेला परिसर में स्थापित फव्वारा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
कजरी तीज पर विभूतिनाथ परिसर में उमड़े श्रद्धालुओं के हुजूम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किये थे। गत वर्ष की तुलना में इस बार यातायात, पार्किंग व महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की लोगों ने सराहना की। प्रशासन की ओर से पेयजल के लिए टैंकर, चिकित्सा व्यवस्था के लिए कैंप व खोया पाया केंद्र बनवाया गया था।
मेला परिसर की सुरक्षा में नौ इंस्पेक्टर, 150 एसआई, 450 सिपाही के साथ ही दो प्लाटून पीएसी के साथ ही मजिस्ट्रेट भी तैनात किये गए थे। इसके अलावा डीएम ओपी आर्य, एसपी आशीष श्रीवास्तव, एएसपी बीसी दुबे, एसडीएम चंद्र मोहन गर्ग, सीओ भिनगा, इकौना व जमुनहा लगातार मेला परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।