श्रावस्ती। समस्याओं से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को त्वरित न्याय देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस लिए संबंधित अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वह महिलाओं व बालिकाओं की प्रत्येक छोटी बड़ी शिकायतों को गंभीरता से सुनें। इसके साथ ही उन पर त्वरित कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाएं। जिससे पीड़िताओं को भटकना न पड़े।
यह बातें गुरुवार को भिनगा स्थित लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में पीड़िताओं से रूबरू होते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने कहीं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जायेगा। उनकी शिकायत मिली तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
जन सुनवाई के दौरान भिनगा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कुछ लोगों पर अपनी पुत्री के साथ अभद्रता करने की व कोतवाली में सुनवाई न होने की शिकायत की। इसको गंभीरता से लेते हुए उपाध्यक्ष ने कोतवाली भिनगा के थानाध्यक्ष को जांच कराकर विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 1090, 181 हेल्पलाइन का संचालन कर रही है। समस्या आने पर महिलाएं इन नंबरों का प्रयोग कर सकती हैं। इससे आपको त्वरित न्याय मिल सकेगा।
इसके बाद उन्होंने संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू कक्ष, प्रसव कक्ष एवं महिला हेल्पलाइन 181 का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों ने बताया कि पेयजल के लिए लगा आरओ खराब है, जिससे दिक्कत हो रही है। प्रसव कक्ष में सफाई व्यवस्था खराब मिली। इसके साथ ही लाइट जाने पर आटोमैटिक लाइट व्यवस्था न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिया। इसके बाद उन्होंने वृद्ध आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से मुलाकात की। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी व उपजिलाधिकारी आरपी चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. जंग बहादुर यादव, तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय, मनोज मिश्र, महिला थानाध्यक्ष केके यादव सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।