गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
- फोटो : गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती में बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के बौद्ध अनुयायियों का दल पहुंचा। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद की अध्यक्षता में गंध कुटी में पूजा की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु ने कहा कि भगवान बुद्ध की वाणी व उनके विचार इतने प्रभावशाली थे कि हिंसक व्यक्ति को भी वह अहिंसक बना सकते थे। उनके संपर्क में आने पर अंगुलीमाल डाकू भी अपनी हिंसक प्रवृत्ति को त्यागकर उनके शरण में चला गया। सच्ची शांति बाहरी सुखों में नहीं, बल्कि आंतरिक संतोष व उत्तम विचारों से मिल सकती है। कभी किसी वस्तु की कामना न करने वाले को ही सच्चा सुख प्राप्त होता है। इस दौरान काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।