श्रावस्ती। लखनऊ की टीम ने पहाड़ी नालों से अवैध खनन का खुलासा किया है। टीम ने दो वाहनों को सीज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। यही नहीं भैसाही नाले में बने पट्टे से कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राली से ओवरलोडिंग का मामला सामने आया है।
श्रावस्ती में अवैध खनन चरम पर है। इसका खुलासा खुद ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक पत्र के जरिए किया था। उप मुख्यमंत्री की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि श्रावस्ती में चल रहे पांच खनन अनुज्ञा क्षेत्रों की जांच कराई गई थी। इसमें से दो क्षेत्रों में 1312.45 घन मीटर साधारण बालू का अवैध खनन व परिवहन किया जाना पाया गया। इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए उन्होंने डीएम को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजने को भी कहा है। इसी के तहत भेजी गई टीम ने छापेमारी करके खुद ही अवैध खनन होने का खुलासा कर दिया।
लेकिन इसके अतिरिक्त सात ऐसे स्थान है जहां प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राॅली बालू का अवैध खनन व परिवहन होता है। ज्यादातर इकौना का डिंगुराजोत, हरिहरपुररानी में खरगौरा से सेमरी रोड के दायीं और राप्ती नदी के बेलहा बाबा कुटी क्षेत्र, सिरसिया में भैसाही व डगमरा व जमुनहा में तीन स्थान हैं जहां पर लगातार अवैध खनन होता है।
यही नहीं इस अवैध खनन से भिनगा मुख्यालय भी अछूता नहीं जहां जिले के सारे अधिकारी बैठते हैं। भिनगा के स्टेडियम के पीछे अवैध खनन का बड़ा केंद्र है जिसको लेकर कई बार शिकायत हुई लेकिन यहां से दिन रात बालू भरी ट्रालियां निकलती हैं।
यहां से होती है ओवरलोडिंग
भैसाही नाले का बालू जिले में सबसे अच्छा बताया जाता है। इसलिए सबसे अधिक अवैध खनन यहीं होता है। वन सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण पहले यहां दस किलोमीटर तक खनन की अनुमति नहीं थी। लेकिन कुछ दिन पूर्व शिवगढ़ कला के पास नाले में ही कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए बालू हटाने का पट्टा कर दिया गया। वैसे तो तीन माह के लिए बनाए गए इस पट्टे से बालू कितना निकलेगा, यह तो नियत है।
लेकिन यहां कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रालियों में ओवरलोडिंग बालू की निकासी होती है। ऐसे में जहां घन फुट की दर से सरकार को रायल्टी मिलनी चाहिए। वहां ओवरलोडिंग के कारण सरकार के राजस्व में चूना लग रहा है।
ओवरलोडिंग व कृषि कार्य में पंजीकृत वाहनों द्वारा यदि व्यवसायिक कार्य किया जा रहा है तो उनका चालान किया जाएगा। इसके लिए अलग से टीम बनाई जा रही है।
विनीत मिश्रा एआरटीओ