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Shravasti News: उफनाई राफ्ती तो 166 गांवों पर मंडराएगा बाढ़ का संकट

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मधवापुर घाट के निकट तटबंध में बना रेन कट।
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श्रावस्ती/तुलसीपुर। मानसून आने से पहले जिले के कई गांवों के ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। तटबंध रहित क्षेत्रों में लोग राप्ती नदी की बाढ़ से होने वाली तबाही के बारे में सोचकर अभी से सिहर लगे हैं। उन्हें बाढ़ व कटान का डर सताने लगता है। बीते वर्ष आई बाढ़ से भंगहा मोड़-मल्हीपुर मार्ग कटने से लगभग 20 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। वहीं, जमुनहा तहसील का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क भी कट गया था। सेमरी-इकौना मार्ग पर पानी का बहाव होने से कई गांव के लोग प्रभावित हुए थे। बरसात में राफ्ती नदी उफनाई तो 166 गांवों पर फिर बाढ़ का संकट मंडराएगा।
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जिले को बाढ़ से बचाने के लिए चार तटबंध बनाए गए हैं, जो लोगों को राप्ती नदी के कहर से बचाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में जिन क्षेत्रों में अब तक तटबंध नहीं बन सका है, वहां हर वर्ष लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ रही है। बीते वर्ष आई बाढ़ ने भंगहा मोड़ से मल्हीपुर को जाने वाली सड़क को कई खंडों में काट दिया था। वहीं, मधवापुर घाट पर तो सड़क का नामोनिशान ही समाप्त हो गया था, जिसकी भरपाई प्रशासन की ओर से आज तक नहीं हो सकी है।
लोगों को खड़ंजा मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। वहीं, खजुहा झुनझुनिया-अंधरपुरवा तटबंध में गैप होने से क्षेत्र के करीब 25 गांवों को बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है। विभाग की ओर से राप्ती नदी के पानी को नियंत्रित करने के लिए 23.340 किलोमीटर लंबा परसा-तिलकपुर, 22.500 किलोमीटर लंबा खजुहा झुनझुनिया-अंधरपुरवा, 13.850 किलोमीटर लंबा कलकलवा-राप्ती बैराज व 4.500 किलोमीटर लंबा राप्ती राइट एफलेक्स तटबंध का निर्माण कराया गया है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए छह परियोजनाओं को स्वीकृत उनके मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। फिर भी अभी तक कई स्थानों पर तटबंध में बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं।
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तटबंधों के बीच गैप से खतरा
खजुहा झुनझुनिया-अंधरपुरवा तटबंध के बीच में लगभग 630 मीटर गैप होने से मुजेहना, कशियापुर, नरैनापुर, भुतहा सहित अन्य गांवों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। वहीं, हरिहरपुररानी क्षेत्र के रेहरापुरवा, अशरफनगर, जमुनहा क्षेत्र के जोगिया, भरथापुर, शिकारी चौड़ा, हसनापुर, पोंदली, सलारूपुरवा, रेहरा, बरंगा, सेमगढ़ा, वीरपुर, दुआबा, लौकिहा प्रथम, लौकिहा द्वितीय, लौकिहा तृतीय, कथरामाफी, हरिहरपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं। बाढ़ से करीब 166 गांव प्रभावित होते हैं।
किए जा रहे बचाव कार्य
मुजेहना के पास गैप भरने का काम सुरक्षित स्तर तक पूरा हो चुका है, जल्द ही उसका निर्माण पूर्ण करा लिया जाएगा। साथ ही मधवापुर घाट, नरायनपुर, मुजेहना, रामगढ़ी, दहावरकलां, कसियापुर व गौहनिया के पास बने रेन कट की भी मरम्मत कराई जा रही है। बारिश से पहले सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि रेन कट को भरने के लिए नियमित अभियान चलाया जाता है।
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- अखिलेश कुमार गौतम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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