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Shravasti News: बिना ऑन्कोलॉजिस्ट कैसे हो कैंसर रोगियों का इलाज

Wed, 04 Feb 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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संयुक्त जिला चिकित्सालय
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श्रावस्ती। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में भले भी चिकित्सा व जांच की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की है, लेकिन अब तक एक भी ऑन्कोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। ऐसे में कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ जाना पड़ता है। साथ ही सामान्य मरीजों को कैंसर के लक्षणों की पहचान के लिए सामान्य चिकित्सक के भरोसे ही रहना पड़ता है।
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विश्व जहां आज अंतरराष्ट्रीय कैंसर दिवस मना रहा है। वहीं, आज भी कई लोग को समुचित इलाज व चिकित्सा से वंचित हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में मरीजों को पर्याप्त जांच सुविधाएं तो मिल रही हैं, लेकिन चिकित्सा सुविधा के अभाव में उन्हें दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग कैंसर के बढ़ते मरीजों की संख्या व उससे होने वाली मौतों पर लगाम नहीं लगा रहा है। सामान्य बीमारियों के इलाज के दौरान कैंसर के लक्षणों का पता चलने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया जाता है। (संवाद)

कैंसर के यह हैं प्रमुख लक्षण
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि कैंसर बीमारी को पहचानने के लिए शरीर में कुछ लक्षण उभर कर आते हैं। इन लक्षणों में शरीर के विभिन्न हिस्सों में असामान्य गांठ होना, जो बढ़ती जाए। शरीर का छह माह में 10 प्रतिशत वजन घटना, लगातार थकान महसूस होना, मस्से या तिल का रंग व आकार बदलना, त्वचा का काला, लाल, पीला होना। दर्द व बुखार की समस्या होना कैंसर के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं। साथ ही अधिक दिनों तक आने वाली खांसी, आवाज में बदलाव, निगलने में तकलीफ, मलाशय या मूत्र में खून आना तथा घाव का ठीक न होना भी लक्षणों में शामिल है। यदि यह लक्षण दिखाई पड़े तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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ऐसे हो सकता है बचाव
सीएमएस डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि कैंसर जैसी बीमारियों से बचने के लिए सावधानी काफी कारगर होती है। मादक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। भोजन में फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और फाइबर युक्त आहार को शामिल करना चाहिए। वजन नियंत्रित रखें, क्योंकि मोटापा कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। लोगों को मैमोग्राम व पैप स्मीयर जैसी जांच कराते रहना चाहिए। साथ ही एचपीवी और हेपेटाइटिस बी का टीका अवश्य लगवाना चाहिए। सुबह 10 बजे तक रहने वाली धूप में ही बाहर रहें, दोपहर की तेज धूप से बचें। वहीं, चिकित्सक के परामर्श से ही एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन जैसी जांच करानी चाहिए।

जिले में कैंसर के इलाज के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि लक्षण के आधार पर चिकित्सक मरीजों को इलाज का परामर्श देते हैं। कैंसर के कई मरीज जिले में हैं, लेकिन विभाग के पास कैंसर रोगियों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
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- डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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