श्रावस्ती। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक होली का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। वहीं रविवार शाम 6:37 बजे से रात 08:56 बजे तक जिले के 542 स्थानों पर होलिका दहन होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। वहीं होली का उल्लास व हुड़दंग शनिवार को भी चौक-चौराहों व गलियों में देखने को मिला। जहां बच्चे एक-दूसरे पर रंग गुलाल फेंकते नजर आए।
होलिका दहन के लिए आयोजन समिति की और से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। वहीं होली का रंग बदरंग न हो इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पहले ही मुकम्मल कर ली गई हैं। इस बार चुनावी मौसम में होलिकोत्सव होने के कारण प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गांवों में जहां लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी व सफाई कर्मियों सहित ग्राम प्रहरिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जिले में जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही संवेदन शील क्षेत्रों में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
रविवार शाम ढलने के साथ ही होलिका दहन की तैयारियां शुरू होंगी। गांव, शहर व कस्बों में होलिका दहन स्थल पर होरियारे ढोलक की थापों पर थिरकते व फागुआ गीत गाते पहुंचेंगे। इस दौरान लोग गेहूं व अलसी की बालियां भूनने के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई देंगे। वहीं सोमवार को सूर्योदय के साथ ही रंगों की बौछार प्रारंभ होगी। इसके लिए भिनगा व इकौना सहित जिले के अन्य होली समितियों की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आबकारी दुकानें रहेंगी बंद
होली के मद्देनजर सभी आबकारी की दुकानें रविवार शाम से ही बंद रहेंगी। इसके लिए डीएम टीके शिबु की ओर से फरमान भी जारी किया गया है। इसके साथ अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस के कुछ जवानों को तैनात किया गया है। यह जवान ग्राहक बन कर दुकानों पर छापा मारने का काम करेंगे।
एसपी व डीएम ने दी बधाई
होली पर्व पर जिलाधिकारी टीके शिबु व पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई दी है। इसके साथ ही सभी को त्योहार की शुचिता बरकरार रखने की सलाह भी दी है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
भिनगा के सत्तीचौरा सहित जिले के 542 स्थानों पर रविवार को होलिका दहन होगा। पंडित शेर बहादुर तिवारी ने बताया कि रविवार शाम 6:37 बजे से रात 08:56 बजे तक 02 घंटा 20 मिनट होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त है। वहीं रात 10:13 से 11:16 तक भद्रा पुछ व रात 11:16 से 01:00 तक भद्रा मुख होने के कारण होलिका दहन नहीं किया जा सकता।