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उफान पर पहाड़ी नाले, भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग बाधित

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श्रावस्ती। तराई में सावन के मेघ मेहरबान हैं। विगत तीन दिनों से बार बार मूसलाधार बरसात हो रही है। वहीं मंगलवार को हुई बरसात के बाद समूचा जिला पानी से सराबोर हो गया। वहीं पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण पहाड़ी नाले उफान पर आ गए। मूसलाधार बरसात के बाद सोहेलवा व भिनगा सहित जिले के अन्य जंगल भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए।
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वहीं केन नाले के उफान के कारण जंगल का पानी तेजी से भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर बहने लगा है। इससे मार्ग पर फिर से आवागमन बाधित हो गया है। लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल ही डिप पार करने को विवश हैं।
जिले में शनिवार से रुक रुक कर बरसात हो रही है। तेज बरसात के कारण नगर सहित गांव की गलियां जलमग्न हो गई हैं। वहीं खेत खलिहान भी पानी से सराबोर देखे जा रहे हैं। नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली तेज बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले सभी पहाड़ी नाले उफान पर आ गए हैं।
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ऐसे में नालों का पानी आसपास के खेतों को जलमग्न कर तेजी से बह रहा है। जिसे देख किसान अपने खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। झमाझम बरसात के कारण खेत खलिहान भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। ऐसे में धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है।
वहीं सोहेलवा, ककरदरी, हरदत्त नगर गिरंट सहित भिनगा जंगल के पानी से सराबोर हो जाने के कारण जंगल में रहने वाले जीव जंतु सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी की ओर आ रहे हैं। वहीं तमाम जीव जंतु जंगल के मध्य मार्गों पर डेरा जमा रहे हैं।
मूसलाधार बरसात के बाद भिनगा जंगल का पानी तेजी से फैलने लगा है। इससे जहां भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर पानी का बहाव तेज हो जाने से वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल ही डिप पार करना पड़ रहा है।
जलभराव से बढ़ी परेशानी
जिले में मंगलवार सुबह हुई बरसात के बाद भिनगा नगर के ईदगाह तिराहा, खलवा बाजार, बाछिल गली, पुरानी बाजार, सब्जीमंडी मार्ग, दहाना बस स्टैंड, तहसील परिसर, खैरीमोड़, खरगौरा मोड़ सहित इकौना, गिलौला, कटरा, सिरसिया, जमुनहा, तुलसीपुर, बदला, चिचड़ी, भंगहा बाजार सहित कई अन्य स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। जिससे होकर लोग आने जाने को विवश हैं। वहीं क्षतिग्रस्त मार्गों पर जलभराव के लोग सड़क व गड्ढे में फर्क नहीं कर पा रहे हैं। जिससे दुर्घटना की संभावना भी बढ़ी है।
धान व गन्ने के लिए टानिक तो अन्य फसल में जहर घोल रही बारिश
जिले में होने वाली बरसात धान व गन्ने की फसल के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इसका धान व गन्ने की फसलों को काफी हद तक फायदा मिलेगा। जबकि यह बरसात अरहर, मक्का, मेंथा, भिंडी, अरुई सहित अन्य सब्जियों व लतादार सब्जियों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। तेज बरसात के कारण लतादार सहित अन्य सब्जियों की फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं अरहर, मक्का, बैगन मिर्चा आदि की फसलों के सूखने का खतरा भी बढ़ गया है। जिससे किसान परेशान हैं।
बरसात बाद खिली चटकीली धूप, बढ़ी उमस
जिले में मंगलवार सुबह हुई बरसात के बाद मौसम पूरी तरह से सामान्य हो गया। इसके बाद खिली चटकीली धूप व पूर्वा हवाओं के कारण उमस काफी बढ़ गई है। तेज धूप के कारण जहां लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर बना रहा। वहीं उमस के कारण लोग गर्मी से बेहाल नजर आए। वहीं शाम को शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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