बारिश के बाद बढ़ा राप्ती का जलस्तर।
कटरा (श्रावस्ती)। तराईवासियों और किसानों को बृहस्पतिवार रात मनचाही मुराद मिल गई। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बरसात रुक-रुक कर पूरी रात जारी रही। इससे न सिर्फ मौसम का मिजाज नरम पड़ गया, बल्कि पूरा जिला पानी से सराबोर हो गया। वहीं, जलभराव ब्लाॅक परिसर जमुनहा, जूनियर हाईस्कूल भिनगा सहित कई अन्य कार्यालय परिसर सहित कई बाजारों व कस्बों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन की समस्या से जूझना पड़ा।
सिरसिया व जमुनहा क्षेत्र में बिजली संकट
जिले में रात हुई बरसात के बीच सिरसिया व जमुनहा विकास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। इसे अब तक बहाल नहीं कराया जा सका है। ऐसे में सीमा क्षेत्र के ग्रामीण रात से ही बिजली पानी के लिए तरस रहे हैं। लगातार आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों के घरों में लगे उपकरण भी ठप हो गए हैं। यह आपूर्ति कब तक बहाल होगी, इस बारे में बिजली निगम के जिम्मेदार कुछ भी बता पाने में खुद को अक्षम महसूस कर रहे हैं। ऐसे में करीब आठ लाख की आबादी व 15 हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं।
नेपाल में हुई बारिश से उफनाए पहाड़ी नाले
नेपाल सहित पहाड़ों पर रात में हुई तेज बरसात के कारण नेपाल में कुसुम नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। इसका असर राप्ती नदी के जलस्तर पर भी देखने को मिला। बृहस्पवितार शाम छह बजे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 126.30 सेंटीमीटर था। जो शुक्रवार दोपहर एक बजे बढ़ कर 127.45 सेंटीमीटर पहुंच गया। इसे देख कछारवासियों की धड़कनें तेज हो गईं। यहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 से मात्र 25 सेंटीमीटर कम था। हालांकि बाद में नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा। इससे कछार वासियों ने राहत की सांस ली। वहीं पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नाले उफान पर आ गए। ऐसे में दुर्गापुर केपी सहित कई अन्य गांवों जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहाड़ी नाले का पानी आ जाने से आवागमन बाधित रहा।