प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदत्तनगर गिरंट के सामने भरा पानी। - संवाद
श्रावस्ती/वीरपुर/गिरंट बाजार। तराई में शनिवार रात लगभग तीन घंटे झमाझम बारिश हुई। इससे मुर्झाई फसलों को संजीवनी मिल गई। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर गया है, इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, बारिश के चलते कई गांवों में जलभराव व कीचड़ की समस्या भी उत्पन्न हो गई है, इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार देर शाम से छाये काले बादल रात करीब तीन बजे गरज-चमक के साथ बरसने लगे। करीब दो घंटे हुई बारिश ने सूख रही फसलों को नवजीवन प्रदान किया। करीब 20 दिन बाद हुई तेज बारिश से कई स्थानों पर खेतों में पानी भर गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव व कीचड़ से लोगों की समस्या भी बढ़ गई है। वन क्षेत्राधिकारी हरदत्त नगर गिरंट कार्यालय के बगल में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इसी तरह हरदत्तनगर गिरंट पीएचसी के सामने जलभराव हो जाने से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम महादेईया निवासी किसान राजीव मिश्रा ने बताया कि इस तरह की बारिश इस सीजन में कम ही हुई है। धान की फसल को पानी की बहुत जरूरत थी, जिसे इस बारिश ने कुछ हद तक पूरा कर दिया है। ग्राम डकाही निवासी कमलेश कुमार शुक्ला ने कहा कि बारिश से फसलों को नया जीवन मिल गया है। कम बारिश होने से कई बार धान की फसल की सिंचाई करनी पड़ी।
महदेइया निवासी सत्यनारायन शुक्ला ने बताया कि वह अपने खेतों में खाद डाल चुके हैं, किंतु नमी कम होने से सिंचाई करने की तैयारी कर रहे थे, अब सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। ग्राम हुसैनजोत निवासी मनोहर लाल वर्मा ने बताया कि वह आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। इसलिए फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे, अब फसल की सिंचाई से फुर्सत मिल गई है।