महादेवा सलार गांव के निकट गिरी धान की फसल। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर/वीरपुर। तराई में मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से मौसम तो सुहाना हो गया। वहीं, तेज हवा चलने से धान की फसल गिर गई। इससे किसानों को नुकसान का डर सता रहा है।
मंगलवार सुबह से काले बादल छा गए और छह से नौ बजे तक मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवा भी चलीं। इससे खेतों में लगी धान की फसल गिर गई। किसान जगदीश प्रसाद ने बताया कि फसल गिरने से उसके दाने खराब हो जाएंगे। अब धान को पानी की जरूरत नहीं है।
किसान विश्राम वर्मा ने बताया कि फसलों के गिरने से खेतों में चूहों का प्रकोप बढ़ जाएगा। इससे जो खड़ी फसल है उसको भी नुकसान होगा। वहीं, दूसरी ओर बारिश से लोगों को गर्मी से निजात मिल गई। पूरे दिन बादलों की आवाजाही से धूप का असर कम रहा। शाम को भी बादल छाए रहे।
बारिश से बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है। किसानों को चाहिए कि जिन खेतों में पानी भरा है उसे निकाल दें। फसल गिरने से दानों को तो नुकसान होगा।
- सुरेंद्र चंद्र चौधरी, कृषि उपनिदेशक