जिल क्षय नियंत्रण केंद्र में बंद कर्मियों के कक्ष
श्रावस्ती/वीरपुर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का हड़ताल जारी है। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हो रही है। विशेषकर टीबी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नियमितीकरण व वेतन विसंगति सहित अन्य समस्याओं को लेकर एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मी पांच अक्तूबर से लगातार कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। इसका सबसे अधिक असर टीबी मरीजों पर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला क्षय नियंत्रण केंद्र में माइक्रोस्कोपी लैब में ताला लगा मिला। इसी तरह से सीबीनॉट लैब सहित अन्य कक्ष भी बंद मिले। ऐसे में मरीजों को जांच व इलाज के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। इलाज कराने पहुंची सलमा बेगम ने बताया कि उन्हें बलगम की जांच करानी थी, लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें बिना जांच के ही दवाएं लेनी पड़ रही हैं।
हालांकि चिकित्सक डॉ. रोहित व डॉ. आलोक चौधरी मरीजों को चिकित्सीय परामर्श देते दिखे। इसी तरह से इकौना सीएचसी में हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इलाज कराने आए इरफान अहमद ने बताया कि उन्हें लगातार दूसरे दिन भी इलाज के बगैर वापस लौटना पड़ रहा है। इकौना सीएचसी में डॉ. अनिल त्रिपाठी, डॉ. शनिदेव सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, शाहिना बानो, पूनम मौर्या, शबीन फातिमा, डॉ. शकुंतला मिश्रा, मुख्तार अली, मोहम्मद आजम, मोहम्मद वसीम, मकरध्वज राव आदि हड़ताल पर है।
जिल क्षय नियंत्रण केंद्र में बंद कर्मियों के कक्ष
जिल क्षय नियंत्रण केंद्र में बंद कर्मियों के कक्ष