जांच में अभिलेख मिले फर्जी
जांच में माध्यमिक शिक्षा परिषद परिक्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से प्राप्त आख्या के अनुसार इन शैक्षिक अनुक्रमांकों की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा जालसाज मुख्य आरक्षी भवनाथ ने वर्ष 1992 में सतासी इंटरमीडिएट कॉलेज, रुद्रपुर, देवरिया से कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण दिखाया था। स्कूल में इस नाम का कोई छात्र में रजिस्टर्ड या क्लास लिस्ट में अंकित नहीं मिला। जांच में पाया गया कि भवनाथ ने फर्जी उम्र व शैक्षिक अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल की। इसके विरुद्ध थानाध्यक्ष सोनवा गणनाथ प्रसाद की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
वेतन आदि की नियमानुसार वसूली कराई जाएगी-एसपी
एसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि मुख्य आरक्षी भवनाथ यादव के विरुद्ध शिकायत मिली थी। इस पर एएसपी प्रवीण कुमार यादव से प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाई गई। उसे बर्खास्त करके जेल भेजा गया है। उसे अब तक मिले वेतन आदि की नियमानुसार वसूली कराई जाएगी।