श्रावस्ती। पर्यावरण पर मंडराते खतरे से निपटने के लिए सभी नगर निकायों में ग्रीन बेल्ट विकसित किए जाए। ऐसे हरित क्षेत्र से ही बढ़ते वायु प्रदूषण से प्रभावी तरह से निपटा जा सकेगा। यह आह्वान राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने किया। वह मंगलवार को अपने एक दिवसीय श्रावस्ती भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पर्यावरण प्रबंधन प्लान निरूपण की समीक्षा बैठक में हिस्सेदारी कर रहे थे।
उन्होंने किसानों से पराली को खेतों में न जलाने की अपील करते हुए कहा कि मेडिकल वेस्ट को भी जमीन में ना दबाया जाए। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति खराब हो जाती है। कहा कि स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण को शुद्ध रखना हम सभी का संयुक्त दायित्व है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पौधों का रोपण किया जाना चाहिए। फसल अवशेष प्रबंधन से किसानों को अतिरिक्त आय होती है। इस संबंध में पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर किसानों को पराली खेत में न जलाने के लिए प्रेरित किया जाए।
डॉ. अहमद ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का पालन करने, नगर पालिकाओं में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, 120 माइक्रोन से नीचे के प्लास्टिक पर सख्ती से रोक लगाने व मेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण पर भी विशेष तौर से जोर दिया। उन्होंने सीताद्वार झील को संरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन के स्तर से कराए जा रहे कार्यों की भी सराहना किया। इस मौके पर डीएम कृतिका शर्मा, एसपी प्राची सिंह, सीडीओ अनुभव सिंह सहित सभी अन्य जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।