श्रावस्ती। जनसंख्या वृद्धि रोकने व परिवार नियोजन के संसाधनों का प्रयोग करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारी, एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। यह सभी महिलाओं के लिये सुरक्षित व उपयुक्त साधन हैं।
यह सुविधा जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क उपलब्ध हैं। अंतरा इंजेक्शन प्रयोग करने से पूर्व लाभार्थियों को रिकार्ड कार्ड दिए जाने की व्यवस्था भी करें। जिसमें अंतरा इंजेक्शन लगने की तिथि का स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उल्लेख किया जाए।
यह बातें सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक में कही। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों की अपेक्षा जिले में बच्चों का जन्मदर अधिक है। इससे मां के स्वास्थ्य के साथ साथ उनके नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैं। जागरूकता के अभाव में वह परिवार नियोजन पर ध्यान नहीं देते। जिससे उनके परिवार का आकार भी बड़ा हो जाता हैं । इससे बच्चों के लालन पालन, पढ़ाई लिखाई ढंग से नहीं हो पाती। इसलिये उन्हें परिवार नियोजन अपनाने की बेहद आवश्यकता हैं।
अंतरा इंजेक्शन सभी महिलाओं के लिये सुरक्षित व उपयुक्त साधन हैं। इसे नवविवाहित दंपति, प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली महिला, प्रसव होने के 6 सप्ताह बाद शुरू कर सकती हैं। ऐसी महिला जो 2 बच्चों के बीच में अंतर रखना चाहती हैं। वह भी इसे किसी भी समय चिकित्सक द्वारा उचित स्क्रीनिंग के बाद लगवा सकती हैं।
सीएमओ डा. बीके सिंह ने बताया कि अंतरा का पहला इंजेक्शन माहवारी शुरू होने के 7 दिन के अंदर, प्रसव होने के 6 सप्ताह बाद एवं गर्भपात होने के बाद तुरंत या 7 दिनों के बाद लगवाया जा सकता हैं। इसे लगवाने से महिला के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नही पड़ता हैं। इससे एनीमिया रोकने में भी मदद मिलती हैं। इन्जेक्शन लगे स्थान पर मालिस व सिकाई नहीं करनी चाहिये। अंतरा कार्ड में अंकित तिथियों पर ही इंजेक्शन लगवाएं। स्वास्थ्य केंद्र जाने पर लाभार्थी अपना अंतरा कार्ड अवश्य लेकर जाएं। इस मौके पर कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।