गिरंट बाजार। जमुनहा क्षेत्र के हरदत्तनगर गिरंट स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति पर सोमवार को सुबह से ही खाद के लिए लाइन लग गई, देर शाम किसानों को पता चला कि उनके नाम पर पहले ही खाद खारिज हो चुकी है। यह सुनकर किसान सन्न रह गए। किसानों ने समिति के संचालक पर धांधली का आरोप लगाया है।
गेहूं के खेतों में पहली टॉप ड्रेसिंग का समय निकलता जा रहा है। किसान सहकारी समितियों पर यूरिया के लिए लाइन लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त खाद मिल पा रही और न ही संतोषजनक उत्तर।
हरदत्तनगर गिरंट स्थित सहकारी समिति पर किसान सोमवार को सुबह से ही लाइन में लगे रहे। देर शाम उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि उनके नाम से खाद पहले ही खारिज हो चुकी है। ऐसे में कई घंटों तक लाइन में लगे रहे किसानों का सिर चकरा गया।
खां साहेबपुरवा निवासी किसान मुजीबुर्रहमान ने बताया कि वह सुबह से ही लाइन में लगे थे, लेकिन उनके नाम पर छह बोरी खाद पहले ही खारिज हो चुकी है। इसी तरह छांगुरपुरवा निवासी रामगोपाल ने बताया कि वह चार दिन से आ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। आज उन्हें बताया गया कि उनके नाम से सात बोरी खाद खारिज हो चुकी है।
नगईडीह निवासी सतबरन ने बताया कि जब उन्होंने ई पॉश मशीन पर अंगूठा रखा, तो पता चला कि उनके नाम से छह बोरी खाद खारिज हो चुकी है। इसी तरह फुलेराम यादव ने बताया कि उनके नाम से भी खाद खारिज होना बताया जा रहा है। ऐसे अब खेतों में यूरिया नहीं पड़ सकेगी। किसानों का आरोप है कि देर शाम तक समिति के कर्मी अपने चहेतों को खाद वितरित करते रहते हैं।
ऐसे मिलती है खाद
किसान को आधार कार्ड, खतौनी व समिति का पासबुक लेकर आना होता है। समिति पर ई पॉस मशीन पर अंगुलियों की छाप से बायोमीट्रिक सत्यापन करने के बाद खाद दे दी जाती है। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए एआर कोऑपरेटिव प्रेमचंद्र ने बताया कि किसानों को वितरित किया जाने वाला टोकन एक दिन के लिए मान्य होता है। यदि किसानों के साथ ऐसा किया गया है, तो वे शिकायत करें, उसके बाद जांच कराई जाएगी।