तपोस्थली में सोमवार को बोधिवृक्ष की पूजा करते वियतनाम के अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को वियतनाम से आए अनुयायियों के 40 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधिवृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध ने गहन ध्यान व चिंतन के दम पर अलौकिक शक्तियां हासिल की थीं। उन्होंने उन शक्तियों का प्रयोग हमेशा दुख के निवारण व लोगों की भलाई के लिए किया।
उन्होंने हमेशा अनुयायियों व लोगों को सत्य व सही मार्ग दिखाया। यही कारण था कि भगवान बुद्ध के अनुयायी पूरे विश्व में फैले हैं। श्रावस्ती में भगवान बुद्ध के ध्यान का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि यहां देश-विदेश से प्रतिदिन सैकड़ों अनुयायी आते हैं।
बुद्ध ने गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन से ऐसे अनुभव प्राप्त किए, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे। उन्होंने धर्म और आध्यात्मिकता के गहन अध्ययन से भूत-भविष्य जानने जैसी अलौकिक क्षमताओं को प्राप्त किया। अपनी करुणा और प्रेम के बल पर बुद्ध ने अनगिनत रूपों में प्रकट होकर सभी प्राणियों को मुक्त करने के तरीके सिखाए।