तुलसीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शासन ने ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण (पृथक्करण) केंद्रों का निर्माण कराया है। इनका उद्देश्य गांवों से एकत्र कूड़े को अलग-अलग कर उचित निस्तारण करना है। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से कई गांवों में यह व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है। कहीं केंद्र जर्जर होकर झाड़ियों से घिरे हैं तो कहीं निर्माण के बाद से इनका उपयोग ही नहीं हुआ। कूड़ा एकत्र करने की प्रभावी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
गेट क्षतिग्रस्त, ताश खेलते मिले युवा
विकास क्षेत्र गिलौला की ग्राम पंचायत तुरहनी बलराम में बना कूड़ा पृथक्करण केंद्र बदहाल मिला। केंद्र का गेट क्षतिग्रस्त था, जबकि फर्श और टिन शेड भी टूटे मिले। केंद्र में कूड़ा नहीं था। पड़ताल के दौरान कुछ बच्चे अंदर ताश खेलते मिले। ग्रामीण ओमप्रकाश और राजेश ने बताया कि सफाईकर्मी गांव में आते हैं, लेकिन सफाई के बाद निकलने वाला कूड़ा केंद्र तक नहीं पहुंचाया जाता। इसे गांव में इधर-उधर और सरयू नहर के किनारे फेंक दिया जाता है।
झाड़ियों में बीच गायब मिला गेट
गिलौला विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर कोडरी में कूड़ा पृथक्करण केंद्र गांव के पश्चिम ओमकार की झोपड़ी और भूसा घर के बीच बना है। केंद्र निष्क्रिय मिला और उसका गेट गायब था। आसपास झाड़ियां उगी थीं तथा कंटीले तार लगे थे। ग्रामीण ओमकार ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने उनकी जमीन पर जबरन केंद्र बनवाया। निर्माण के बाद से इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
टिन शेड, फर्श व चैंबर मिले क्षतिग्रस्त
ग्राम पंचायत हुसैनपुर खुरुहुरी के मजरा खुरुहुरी के बाहर पूरब दिशा में बना केंद्र भी बदहाल मिला। चारों ओर झाड़ियां थीं। टिन शेड, फर्श और कूड़ा रखने के चैंबर क्षतिग्रस्त मिले। ग्रामीण लालजी और ओमकार ने बताया कि केंद्र बनाया गया, लेकिन कभी उपयोग नहीं हुआ। उनका कहना है कि हर वर्ष क्षति के बाद केवल मरम्मत करा दी जाती है। ग्रामीणों ने केंद्रों को सक्रिय कर नियमित कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की।
- कूड़ा निस्तारण केंद्रों के बंद होने या जर्जर होने की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। अगर लापरवाही मिलती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीरेन्द्र प्रताप सिंह, बीडीओ गिलौला
कूड़ा निस्तारण केंद्र
कूड़ा निस्तारण केंद्र