श्रावस्ती। गेहूं बेचने के लिए अब किसानों को सत्यापन कराने के झंझट से मुक्ति मिल गई है। विभाग ने सत्यापन कराने की बाध्यता समाप्त कर दी है। जिले में अब तक 1571 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से मात्र 1166 किसानों का ही सत्यापन हो सका है।
किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के वास्ते पंजीकरण के बाद सत्यापन कराना परेशानी का सबब बना हुआ था। इसे देखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से शनिवार को सत्यापन कराने की बाध्यता समाप्त कर दी गई। पहले 100 क्विंटल तक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों को सत्यापन में छूट दी गई थी लेकिन अब सभी के लिए सत्यापन की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि किसानों को पंजीकरण के बाद सत्यापन का इंतजार करना पड़ता था। इससे उन्हें उपज बेचने में समस्या होती थी। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया के समाप्त होने से किसानों को उपज बेचने में अब दिक्कत नहीं होगी।
जिले में अब तक 1571 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से मात्र 1166 किसानों का ही सत्यापन हो सका है। वहीं 32 क्रय केंद्रों पर 138 किसानों से अब तक 9347 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है जबकि किसानों के न पहुंचने से 15 क्रय केंद्रों पर खरीद प्रारंभ नहीं हो सकी है।