श्रावस्ती। कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर लापता हुआ जालसाज शिक्षक छह साल बाद पुलिस की गिरफ्त में आया। जालसाज 2019 में नौकरी छोड़कर लापता था। उसे 2023 में बर्खास्त किया गया। शुक्रवार को भिनगा पुलिस ने उसे बस्ती जिले हेंगापुर में उसकी दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया। जालसाज को आवश्यक कार्रवाई कर न्यायालय के सामने पेश किया। वहां से उसे जेल भेजा गया।
बस्ती जिले के हेंगापुर क्षेत्र के ग्राम दुबौलिया निवासी विजय प्रकाश पुत्र रामकृपाल कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जिले में 2014 में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात हुआ था। उसके शैक्षिक अभिलेखों की जांच का समय आया तो वर्ष 2019 में वह नौकरी छोड़कर गायब हो गया। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उसे कई बार नोटिस जारी कर उपस्थित होने व अभिलेखों के संबंध में जानकारी देने के लिए कहा गया। इसके बावजूद उसने न तो अपने शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराई और न ही नोटिस के बाद अपने विद्यालय व बीएसए कार्यालय ही आया। इस पर बीएसए की ओर से उसे 2023 में एकतरफा कार्रवाई करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। नौ जनवरी 2025 को बीईओ हरिहरपुररानी अमित कुमार ने उसके विरुद्ध भिनगा कोतवाली में जालसाजी के आरोप में केस दर्ज कराया था। मामले की विवेचना कर रहे सिविल लाइन चौकी प्रभारी अजय कुमार सिंह ने जालसाज को बस्ती जिले हेंगापुर में उसकी दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर संबंधित न्यायालय में पेश किया गया। वहां से आरोपी को जेल भेजा गया है।