श्रावस्ती। जिले के ब्राह्मणों का मन टटोलने के लिए बुधवार देर शाम गिलौला में सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता सपा के पूर्व मंत्री ने की। इस दौरान मंत्री व उनके समर्थकों ने कोविड 19 के प्रोटोकाल की जमकर अनदेखी की। सम्मेलन के लिए न तो कोई पूर्व में अनुमति ली गई और न ही मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ही किया गया। अब प्रशासन मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रहा है।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए होड़ सी मची है। इसीलिए सभी दलों के ब्राह्मण नेता जिलों में जाकर सजातीय लोगों की मन की स्थिति को टटोल रहे हैं। बुधवार देर शाम सपा के पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भी श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र के गिलौला के किसान इंटर कॉलेज में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
सम्मेलन का आयोजन अभिषेक कुमार मिश्रा ने अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के बैनर तले किया। इसमें उन्होंने ब्राह्मण के हितों में सपा की ओर से किए गए कार्यों को गिनाने के साथ साथ लखनऊ में प्रस्तावित भगवान परशुराम मूर्ति की भी चर्चा की।
इस दौरान पूर्व मंत्री व उनके समर्थक कोरोना संक्रमण जैसी महामारी को भूल गए। सम्मेतन में न तो मंत्री ने मास्क लगाया और न ही किसी भी पार्टी कार्यकर्ता व प्रतिभागियों ने ही मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। इसके चलते कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी व कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन साफ तौर पर दिखाई दिया।
सम्मेलन के लिए नहीं ली गई थी अनुमति
कोरोना संक्रमण जिले में तेजी से फैल रहा है। प्रतिदिन पंद्रह से बीस संक्रमित हर रोज मिल रहे हैं। जिसके चलते जिले में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश है।
यही नहीं शासन ने भी अगस्त माह के अंत तक किसी भी सेमिनार व अन्य कार्यक्रम के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, ताकि संक्रमण न फैले। इसके बावजूद गिलौला के किसान इंटर कॉलेज में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के बैनर तले सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अनुमति एसडीएम की ओर से पहले से नहीं दी गई। यहां कोविड प्रोटोकाल के पालन की कोई व्यवस्था ही की गई थी।
किसान इंटर कॉलेज गिलौला में किसी भी प्रकार के सम्मेलन व भीड़ एकत्र करने के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। फोटो व अन्य विवरण देख कर मामले की जांच की जाएगी। यदि यहां कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है तो नियमों के तहत आयोजक व शामिल होने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - राजेश मिश्रा, एसडीएम इकौना