तपोस्थली में बोधि वृक्ष की पूजा करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को श्रीलंका के अनुयायियों से गुलजार रही। सभी ने अपने रीति रिवाज के अनुसार बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो की अध्यक्षता में जेतवन में परिक्रमा कर बोधि वृक्ष की पूजा की। इस दौरान हुई सभा में बौद्ध भिक्षु ने कहा कि महात्मा बुद्ध ने बताया है कि तृष्णा ही सभी दुखों का मूल कारण है। तृष्णा के कारण संसार की विभिन्न वस्तुओं की ओर मनुष्य आकर्षित होता है और जब वह उन्हें प्राप्त नहीं कर पाता, तो दुखी हो जाता है। भगवान बुद्ध ने सांसारिक दुखों से निजात पाने के लिए अष्टांगिक मार्ग बताया है। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।