बोधि वृक्ष परिसर में बुद्ध की प्रतिमा लेकर भ्रमण करते अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को श्रीलंका से आये अनुयायियों के 90 सदस्यीय दल से गुलजार रही। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षुणी सुमेधा महाथेरो के नेतृत्व में तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। इसके बाद रीति-रिवाज से बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान तपोस्थली बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि... से गुंजायमान रही।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षुणी सुमेधा महाथेरो ने कहा कि मनुष्य को कभी भी क्रोध की सजा नहीं मिलती, बल्कि क्रोध से सजा मिलती है। हजारों लड़ाइयों के बाद भी मनुष्य तब तक नहीं जीत सकता, जब तक वह अपने ऊपर विजय प्राप्त नहीं कर लेता है।
पूजन के बाद अनुयायियों ने कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, नाग लोक, धम्म सागर, गाना लोक व विद्यावती आदि मौजूद रहीं।