गंध कुटी का भ्रमण करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को वियतनाम से आए अनुयायियों के 30 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंध कुटी का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु ने कहा कि दस पारमिताओं का पूर्ण पालन करने वाला बोधिसत्व कहलाता है। बोधिसत्व दस बलों या भूमियों को प्राप्त करने के बाद बुद्ध कहलाते हैं। बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है। इस पहचान को बोधि यानी ज्ञान कहा गया है। बुद्ध शाक्यमुनि केवल एक बुद्ध नहीं थे। उनके पहले भी कई बुद्ध हुए और भविष्य में भी होंगे। कोई भी व्यक्ति दस पारमिताओं का पालन कर बोधिसत्व प्राप्त कर सकता है। इसके बाद दस बलों को प्राप्त कर वह बुद्ध बन सकता है।