श्रावस्ती। मुस्लिम समुदाय के इबादत का मुकद्दस माह रमजान प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में रोजेदार पांच वक्त की नमाज पढ़ने के साथ ही शहरी व इफ्तार करेंगे। वहीं शाम को तरावीह भी पढ़ेंगे। ऐसे में मुस्लिम धर्म गुरु सहित उच्चाधिकारियों ने रोजेदारों से सामाजिक दूरी का कड़ाई से अनुपालन करने की अपील की है। इस दौरान अधिकारियों ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में जाकर लोगों को घरों पर ही नमाज व तरावीह पढ़ने तथा रोजा इफ्तार में किसी को अपने घर न बुलाने व न किसी के घर न जाने को कहा है।
रमजान माह को लेकर जिलाधिकारी यशु रुस्तगी, पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह व मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे, उप जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी हौसला प्रसाद ने सीमा क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित गांव के ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों से मिल कर उन्हें रमजान माह की मुबारकबाद दी। इसके साथ ही उनसे कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए रमजान में लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा करें। जिससे सभी जिलेवासी सुरक्षित व स्वस्थ रहें।
अधिकारियों ने लोगों से कहा कि वह पांचों वक्त की नमाज अपने घर पर ही अदा करें। रमजान में पड़ोसी भूखा न रहे इसका पूरा ख्याल रखें। न तो किसी को अपने घर पर रोजा इफ्तार के लिए बुलाएं और न ही स्वयं किसी के घर जाकर रोजा इफ्तार करें। यह भी प्रयास करें कि एक कमरे में तीन से अधिक लोग एक साथ न तो नमाज पढ़ें और न ही आपस में बैठ कर बातचीत ही करें। एक दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी जरूर रखें। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें, जबकि घर वापस लौटने पर हाथ को अच्छी तरह से जरूर धोएं।