श्रावस्ती/तुलसीपुर। रौद्र रूप धारण कर चुकी राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार शाम फिर बढ़ने लगा। जमुनहा व गिलौला तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई।
मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को राप्ती का जलस्तर 95 सेमी घट गया, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही है। जमुनहा तहसील क्षेत्र के वीरपुर, लौकिहा, सलारूपुरवा, घाटेपुरवा सहित आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई ग्रामीणों के घरों में भी पानी घुस गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई कच्चे मकान पानी भरने से गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। राप्ती की तेज धारा में भिनगा-मल्हीपुर मार्ग लगभग 30 मीटर तक कट गया है। इससे बुधवार को लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। नाव के सहारे लोग घर तक पहुंच रहे हैं। बाढ़ के पानी के चलते वीरपुर संपर्क मार्ग भी लगभग 500 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया है।
गांवों में खेतों व सड़कों पर भरा पानी
जमुनहा में कहर बरपाने के साथ ही बुधवार को राप्ती नदी ने गिलौला क्षेत्र में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात व बुधवार सुबह राप्ती के पानी ने लक्ष्मणनगर क्षेत्र की हजारों बीघा फसल को चपेट में ले लिया। लक्ष्मणपुर-कल्याणपुर मार्ग, लखैया गांव, रमनगरा, लालपुर, बिशुनपुर, बैदौरा, नरायनपुर व कसियापुर आदि गांवों की सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित है। बाढ़ व कटान के चलते बुधवार को लक्ष्मणनगर के पास कई लोगों को सड़क किनारे तिरपाल लगाकर आश्रय लेते देखा गया।
...फिर बढ़ने लगी राप्ती, दहशत
राप्ती बैराज पर मंगलवार को खतरे के निशान 127.70 सेमी से 145 सेमी ऊपर पहुंचने के बाद देर रात से नदी का जलस्तर घटने लगा। बुधवार सुबह नौ बजे जलस्तर 128.40 सेमी, 10 बजे 128.35 सेमी, 11 बजे 128.25 सेमी, दोपहर 12 बजे 128.20 सेमी, एक बजे 128.15 सेमी, दो बजे 128.10, तीन बजे 128.10 सेमी दर्ज किया गया। शाम चार बजे जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा और चार बजे 128.20 सेमी दर्ज किया गया।