श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों पर आए दिन हो रही बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिससे निपटने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही नोडल अधिकारियों व बाढ़ चौकी प्रभारियों को तैनात कर अपने क्षेत्र में निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में प्रति वर्ष बरसात के दिनों में राप्ती का जलस्तर बढ़ने के कारण कछार में बसे सौ से अधिक गांव बाढ़ से घिर जाते हैं। इस दौरान जहां पचास से अधिक गांव के चारो तरफ बाढ़ का पानी आ जाने से आवागमन बाधित होता है। वहीं सत्तर से अधिक गांव ऐसे हैं जो पूरी तरह से जलमग्न हो जाते हैं। जहां रहने वाले ग्रामीणों को घर की छतों व छप्परों का सहारा लेना पड़ता है। वहीं कई मुख्य व संपर्क मार्ग बाधित हो जाने के कारण लोगों को अपने गांवों में कैद रहने को विवश भी होना पड़ता है।
इससे लोगों को राहत दिलाने के लिए इस बार संभावित बाढ़ को देखते हुए पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई है। वहीं बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका मोबाइल नंबर 9454417486 है। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी व कर्मचारी 24 घंटे एक्टिव मोड में रखे गए हैं। जिससे कभी भी किसी भी वक्त लोग इस नंबर पर काल कर सूचना का आदान प्रदान कर सकते हैं।
इसके साथ ही जिले में बनाई गई सभी 18 बाढ़ चौकियों पर प्रभारी को तैनात किया गया है। तीनों तहसीलों में नोडल अधिकारियों को भी तैनात कर अलर्ट कर दिया गया है। जिनके द्वारा संभावित बाढ़ के दौरान अपने अपने तहसीलों में व्यापक निगरानी रखकर राहत एवं बचाव कार्य के व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। साथ ही व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी भी नोडल अधिकारियों की ही होगी।